SEBI नियमों की अनदेखी, फिर भी नहीं कटी रेटिंग! CAG रिपोर्ट में CPSE पर बड़ा सवाल
कैग की कॉरपोरेट गवर्नेंस समीक्षा में सामने आया कि SEBI से जुड़े नियमों का अनुपालन नहीं करने वाले कई केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के MoU स्कोर में प्रशासनिक मंत्रालयों और DPE ने अंक नहीं काटे। रिपोर्ट में बोर्ड में स्वतंत्र और महिला निदेशकों की कमी भी सामने आई।
नई दिल्ली: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के कॉरपोरेट कामकाज को लेकर महत्वपूर्ण कमियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासनिक मंत्रालयों और सार्वजनिक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises) ने कॉरपोरेट मामलों से संबंधित भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों का अनुपालन नहीं होने के बावजूद कई CPSE (Central Public Sector Undertakings) के MoU स्कोर में अंक नहीं काटे।
कैग ने कॉरपोरेट गवर्नेंस की समीक्षा के दौरान 65 ऐसे CPSE को शामिल किया, जिनके शेयर या बॉन्ड शेयर बाजारों में सूचीबद्ध थे। इसके अलावा 36 CPSE, जिनमें चार सांविधिक निगम भी शामिल हैं, के बॉन्ड या ऋणपत्र 31 मार्च 2024 तक शेयर बाजारों में सूचीबद्ध थे।
49 CPSE में स्वतंत्र निदेशकों की कमी
कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023-24 के दौरान 49 CPSE में निदेशक मंडल में आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशक मौजूद नहीं थे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सात CPSE में पूरे वित्त वर्ष या उसके कुछ हिस्से के दौरान गैर-कार्यकारी निदेशकों की संख्या बोर्ड की कुल सदस्य संख्या के 50 प्रतिशत से कम रही।
इससे संबंधित कॉरपोरेट गवर्नेंस मानकों के अनुपालन पर सवाल उठे हैं।
सात CPSE में एक भी महिला निदेशक नहीं
कैग की समीक्षा में बोर्ड में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी कमी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, सात CPSE के निदेशक मंडल में कोई महिला निदेशक नहीं थी।
वहीं, शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल 16 CPSE में 2023-24 के पूरे या कुछ हिस्से के दौरान कोई महिला स्वतंत्र निदेशक भी नहीं थी।
65 सूचीबद्ध CPSE की हुई समीक्षा
कैग की कॉरपोरेट कामकाज संबंधी समीक्षा में कुल 65 ऐसे CPSE शामिल किए गए, जिनके शेयर या बॉन्ड शेयर बाजारों में सूचीबद्ध थे।
इसके अतिरिक्त 36 CPSE के बॉन्ड या ऋणपत्र भी 31 मार्च 2024 तक शेयर बाजारों में सूचीबद्ध थे। इन संस्थानों में चार सांविधिक निगम शामिल हैं।
रिपोर्ट में सूचीबद्ध CPSE में कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े नियमों के अनुपालन की स्थिति का परीक्षण किया गया।
क्या होता है MoU स्कोर?
MoU स्कोर सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) की ओर से केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्रदर्शन मूल्यांकन मानक है।
कैग की रिपोर्ट में इस बात पर सवाल उठाया गया है कि SEBI से जुड़े कॉरपोरेट गवर्नेंस नियमों के अनुपालन में कमियां होने के बावजूद संबंधित CPSE के MoU स्कोर में अंक नहीं काटे गए।
रिपोर्ट में सामने आए ये आंकड़े सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में बोर्ड संरचना, स्वतंत्र निदेशकों और महिला प्रतिनिधित्व से जुड़े अनुपालन पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
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