Auraiya News: 16 साल की किशोरी से दुष्कर्म और धर्मांतरण मामले में आरोपी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 1.35 लाख का जुर्माना
औरैया की विशेष पॉक्सो अदालत ने करीब दो साल पुराने मामले में आरोपी सद्दाम हुसैन उर्फ गुड्डू को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी सात साल का कठोर कारावास और एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश है।
औरैया,अमृत विचार। सहायल थाना क्षेत्र में करीब दो साल पुराने 16 वर्षीय किशोरी के धर्मांतरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने आरोपी सद्दाम हुसैन उर्फ गुड्डू को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।
विशेष लोक अभियोजक मुदुल मिश्रा के अनुसार, पीड़िता के पिता ने सहायल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 4 नवंबर 2024 को दोपहर करीब 12 बजे गांव निवासी सद्दाम हुसैन उर्फ गुड्डू उनकी 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। काफी तलाश के बाद भी किशोरी का पता नहीं चला। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सद्दाम हुसैन और उसके पिता रफीक शेख मंसूरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने सद्दाम के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। वहीं रफीक शेख मंसूरी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और धमकी से संबंधित धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कठोर सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए दोनों आरोपियों को निर्दोष बताया। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने सद्दाम हुसैन को दोषी करार दिया। वहीं उसके पिता रफीक शेख मंसूरी को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
कुल 1.35 लाख रुपये का अर्थदंड
न्यायालय ने सद्दाम हुसैन को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास के साथ 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया। अन्य धाराओं में लगाए गए अर्थदंड को मिलाकर कुल 1.35 लाख रुपये का अर्थदंड हुआ है। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश भी दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी सद्दाम हुसैन को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
धर्मांतरण कानून में कठोर सजा का पहला मामला
वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर शर्मा के अनुसार, जिले में धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत कठोर सजा सुनाए जाने का यह पहला मामला है।
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