Share Market Today: वैश्विक तनाव का घरेलू बाजार पर असर, सेंसेक्स 172 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी गतिरोध के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 172.48 अंक गिरा, जबकि निफ्टी भी 90 अंक से ज्यादा नीचे रहा।
मुंबई: वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता का असर गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी गतिरोध के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ शुरुआत की। निवेशकों की धारणा पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का दबाव बना हुआ है।
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 172.48 अंक टूटकर 77,786.41 अंक पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 90.35 अंक की गिरावट के साथ 24,343.50 अंक पर कारोबार करता नजर आया।
इन दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में शुरुआती कारोबार के दौरान टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इन्फोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।
इसके उलट इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, इटर्नल और एनटीपीसी के शेयर बढ़त में कारोबार करते दिखाई दिए।
अमेरिका-ईरान तनाव से निवेशकों की चिंता बढ़ी
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, निवेशकों का सेंटीमेंट अभी भी कमजोर है। अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है।
ईरान की ओर से 2029 तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखने की चेतावनी का जिक्र भी बाजार की चिंता बढ़ाने वाले कारकों में किया गया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज पर अमेरिका के नियंत्रण की बात कही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में इससे जुड़ी किसी भी बड़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।
एशियाई बाजारों में दिखी तेजी
भारतीय बाजार में गिरावट के बीच कई प्रमुख एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में कारोबार कर रहे थे।
वहीं अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
ब्रेंट क्रूड 1.22 फीसदी फिसला
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी शुरुआती कारोबार के दौरान हलचल रही। ब्रेंट क्रूड वायदा 1.22 प्रतिशत गिरकर 87.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है।
विदेशी निवेशकों ने भी की बिकवाली
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 1,002.50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इससे पहले बुधवार को भी घरेलू बाजार कमजोर बंद हुआ था। सेंसेक्स 187.90 अंक और निफ्टी 35.75 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए थे।
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