Gorakhpur News : 1.40 करोड़ की ठगी के सदमे में डॉक्टर ने दी जान, 8वीं मंजिल से लगाई छलांग; सुसाइड नोट में महिला को ठहराया जिम्मेदार
गोरखपुर में 52 वर्षीय पशु चिकित्सक ने अपार्टमेंट की छत से कूदकर की आत्महत्या
गोरखपुर में 52 वर्षीय पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, वह 1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी के बाद तनाव में थे। जेब से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने ठगी के मामले की आरोपी महिला गरिमा सिंह को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।
गोरखपुर, अमृत विचार: गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में 1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी के सदमे में 52 वर्षीय पशु चिकित्सक ने आत्महत्या कर ली। डॉक्टर ने राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित बसंत इंक्लेव की आठवीं मंजिल की छत से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उनकी पत्नी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, मृतक पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने पांच अगस्त को एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ 1.40 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस महिला और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। डॉक्टर की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने कथित ठगी के लिए महिला गरिमा सिंह को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।
सुबह छत पर पहुंचे, कुछ देर बाद लगा दी छलांग
परमात्मा सिंह गोरखनाथ क्षेत्र की राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित बसंत इंक्लेव की दूसरी मंजिल पर पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह, 12 वर्षीय बेटे अरिहंत और सात वर्षीय बेटी बिन्नी के साथ रहते थे। वर्तमान में उनकी तैनाती महराजगंज के नौतनवा में थी। बताया जा रहा है कि सुबह खाना खाने के बाद वह अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल की छत पर पहुंचे। वहां करीब 15 मिनट तक टहलने के बाद उन्होंने नीचे छलांग लगा दी। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर उनके पिता पारस नाथ सिंह और मां कुंती सिंह मऊ से गोरखपुर पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, माता-पिता को अभी घटना की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
'बैंक से लगातार फोन आ रहे थे, वह डिप्रेशन में थे'
डॉक्टर की पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह ने बताया कि ठगी के बाद बैंक से लगातार फोन आ रहे थे। कथित तौर पर बड़ी रकम की देनदारी को लेकर डॉक्टर तनाव में थे। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी ईएमआई और सीमित वेतन के बीच परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। पत्नी ने कहा कि जिस तरह उनके साथ कथित ठगी हुई, उस मामले में कार्रवाई और पीड़ितों की रकम की रिकवरी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने अन्य लोगों को भी अपने जाल में फंसाया है।
सुसाइड नोट में महिला को बताया जिम्मेदार
पुलिस को डॉक्टर की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस के अनुसार, इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए ठगी के मामले में आरोपी महिला गरिमा सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
5 अगस्त को दर्ज कराया था 1.40 करोड़ की ठगी का केस
परमात्मा सिंह ने पांच अगस्त को एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में उन्होंने सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह (55) और उनकी बेटी गरिमा (29) समेत अन्य पर ठगी का आरोप लगाया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने उनसे 1.40 करोड़ रुपये लिए थे। रकम वापस मांगने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था। पुलिस ने मामले में ध्रुव नारायण सिंह और गरिमा सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस अब डॉक्टर की मौत, सुसाइड नोट और पूर्व में दर्ज ठगी के मुकदमे को जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है।
