रामपुर SP का गोकशी पर कड़ा प्रहार : 'सच्चा मुसलमान नहीं कर सकता गोकशी, हरामियों का इलाज करना मेरा काम'

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
On

रामपुर में गोकशी पर एसपी सख्त, शहर काजी बोले- प्रतिबंधित पशु काटना कानूनन जुर्म

रामपुर में गोकशी की घटनाओं पर एसपी अनिल सिसोदिया ने कड़ा बयान देते हुए देवबंद के फतवे का हवाला दिया है। शहर काजी ने भी उनका समर्थन करते हुए प्रतिबंधित पशु काटने को गलत बताया है।

रामपुर, अमृत विचार। सावन माह के दौरान जिले के गंज और स्वार थाना क्षेत्रों में सामने आई गोकशी की घटनाओं पर रामपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अनिल सिसोदिया ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को पुलिस लाइन में मीडिया से मुखातिब होते हुए एसपी ने दो टूक कहा कि कोई भी 'सच्चा मुसलमान' गोकशी जैसा कृत्य नहीं कर सकता। उन्होंने असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

दारुल उलूम देवबंद के फतवे का दिया हवाला
मीडिया से बातचीत के दौरान एसपी अनिल सिसोदिया ने सहारनपुर में अपनी तैनाती के दिनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "सहारनपुर का दारुल उलूम देवबंद मुस्लिमों की एक बहुत शीर्ष संस्था है। वहां से कई बार यह फतवे जारी हुए हैं कि इस्लाम के अनुसार ऐसा कोई भी पशु काटना, जिससे किसी अन्य की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती हो, उसका मांस खाना हराम है।"

पुलिस अधीक्षक ने कड़े शब्दों में कहा, "सच्चा मुसलमान जो है, वह कभी इस तरह का काम नहीं कर सकता है। जो लोग यह काम कर रहे हैं, मुझे बड़ा आश्चर्य है कि या तो वे मुसलमान नहीं हैं या तो बहुत हरामी हैं और ऐसे हरामियों का इलाज करना ही मेरा काम है।"

मौलवियों और मुतवल्लियों से करेंगे अपील
एसपी ने स्पष्ट किया कि रामपुर के अधिकांश नागरिक अमनपसंद और शांतिप्रिय हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर जिले का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही स्थानीय मुतवल्लियों और मौलवियों के साथ एक गोष्ठी का आयोजन करेंगे। इसके माध्यम से लोगों से अपील कराई जाएगी कि वे ऐसे गैर-कानूनी और भावनाएं आहत करने वाले कृत्यों से दूर रहें।

शहर काजी बोले- प्रतिबंधित पशु काटना बेहद गलत
एसपी के इस बयान पर रामपुर के शहर काजी सैयद अनस मियां ने भी अपनी सहमति जताई है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि: इस्लाम के अनुसार हमेशा देश के कानून का पालन करना चाहिए। देश के कानून के खिलाफ जाकर प्रतिबंधित पशुओं का काटना पूरी तरह से गलत है। ऐसे कृत्य से बचना चाहिए, विशेषकर तब जब इससे समाज का शांतिपूर्ण माहौल खराब होने का अंदेशा हो।

ये भी पढ़ें - यूपी के इस जिले में बसाया जाएगा बंदरों का अपना शहर, आबादी से दूर कैसा होगा नजारा...

संबंधित समाचार