राज्यसभा में सरकार का जवाब : रासायनिक उर्वरकों से प्रभावित कृषि भूमि पर कोई अध्ययन नहीं, प्राकृतिक खेती को दिया जा रहा बढ़ावा

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया- 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में

राज्यसभा में सरकार ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से प्रभावित कृषि भूमि पर कोई अध्ययन नहीं कराया गया है। सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि देश में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से प्रभावित कृषि भूमि के क्षेत्रफल का पता लगाने के लिए कोई अध्ययन नहीं कराया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार सतत कृषि और मानव कल्याण को ध्यान में रखते हुए रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है।

18.93 लाख हेक्टेयर में हो रही जैविक खेती

भाजपा सांसद रजनीश कुमार अग्रवाल के प्रश्न के जवाब में ठाकुर ने बताया कि अब तक देश में 18.93 लाख हेक्टेयर भूमि को जैविक खेती के दायरे में लाया जा चुका है। इससे 33.63 लाख किसानों को लाभ मिला है।

पूर्वोत्तर में भी बढ़ा जैविक खेती का दायरा

उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन (MOVCDNER) के तहत 2.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अंतर्गत लाया गया है। इस योजना से 2.74 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

23.13 लाख किसान प्राकृतिक कृषि मिशन से जुड़े

कृषि राज्य मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (NMNF) के तहत अब तक 23.13 लाख किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। वहीं 11.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती के तहत कवर किया गया है। उन्होंने दोहराया कि सरकार पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है।

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