7 अगस्त का इतिहास: टैगोर के निधन से लेकर अमेरिकी दूतावास हमले तक, जानें आज के दिन की प्रमुख घटनाएं
आज ही के दिन 1905 में कांग्रेस ने ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान किया था, जबकि 1941 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का निधन हुआ।
नई दिल्लीः भारतीय और विश्व इतिहास में 7 अगस्त का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं और ऐतिहासिक पड़ावों के लिए याद किया जाता है। इस दिन साहित्य, स्वतंत्रता आंदोलन, विज्ञान, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी कई अहम घटनाएं हुईं। आइए जानते हैं 7 अगस्त के इतिहास की प्रमुख घटनाएं।
1606: मैक्बेथ का पहली बार मंचन
विलियम शेक्सपीयर के प्रसिद्ध नाटक ‘मैक्बेथ’ का पहली बार किंग जेम्स प्रथम के लिए मंचन किया गया।
1753: ब्रिटिश म्यूजियम की स्थापना
ब्रिटेन में ब्रिटिश म्यूजियम की स्थापना की गई। यह दुनिया के प्रमुख संग्रहालयों में शामिल है।
1905: ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान किया। यह कदम देश में स्वदेशी भावना और ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन को मजबूती देने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रहा।
1941: गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का निधन
नोबेल पुरस्कार विजेता महान कवि, लेखक और दार्शनिक रवींद्रनाथ टैगोर का निधन हुआ। भारतीय साहित्य और संस्कृति में उनका योगदान ऐतिहासिक माना जाता है।
1944: विशाल कैलकुलेटर मशीन का निर्माण
पहले कैलकुलेटर के नाम पर 51 फीट लंबी, 8 फीट ऊंची और करीब पांच टन वजनी एक विशाल मशीन का निर्माण किया गया।
1947: मुंबई नगर निगम को बिजली और परिवहन व्यवस्था का हस्तांतरण
मुंबई नगर निगम को बिजली और परिवहन व्यवस्था औपचारिक रूप से हस्तांतरित की गई।
1957: अमेरिका का परमाणु परीक्षण
अमेरिका ने नेवादा परीक्षण स्थल पर परमाणु परीक्षण किया।
1960: आइवरी कोस्ट स्वतंत्र हुआ
अफ्रीकी देश आइवरी कोस्ट ने फ्रांस के अधिकार से स्वतंत्रता प्राप्त की।
1985: गीत सेठी ने जीती विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप
भारतीय बिलियर्ड्स खिलाड़ी गीत सेठी ने विश्व अमेच्योर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
1990: ऑपरेशन डेजर्ट शील्ड की शुरुआत
अमेरिका ने सऊदी अरब में सेना तैनात कर ऑपरेशन डेजर्ट शील्ड शुरू किया।
1998: अमेरिकी दूतावासों पर आतंकवादी हमले
केन्या और तंजानिया की राजधानियों में स्थित अमेरिकी दूतावासों पर आतंकवादी हमले हुए। इन हमलों में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई।
2018: एम. करुणानिधि का निधन
द्रमुक राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल एम. करुणानिधि का निधन हुआ। तमिल राजनीति में उनका लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक जीवन रहा।
