LIVEUP Monsoon Session: वित्त मंत्री ने पेश किया अनुपूरक बजट, शिक्षक भर्ती से NEET तक के मुद्दों पर सरकार को घेरा

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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यूपी विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करेगी सरकार, 50 से 70 हजार करोड़ रुपये तक हो सकता है आकार; ग्रामीण विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर अतिरिक्त खर्च का फोकस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र में मंगलवार को राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी विधायकों की तख्तियों पर शिक्षक भर्ती, आरक्षण और NEET पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों से जुड़े नारे लिखे थे।

इसी बीच राज्य सरकार विधानसभा के दोनों सदनों में वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करने जा रही है। प्रस्तावित अनुपूरक बजट का आकार 50 से 70 हजार करोड़ रुपये के बीच रहने की संभावना है। सरकार का फोकस विकास योजनाओं को गति देने के साथ पहले से स्वीकृत लेकिन अधूरी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने पर रहने की उम्मीद है।

Aug 04, 2026 · 12:01 PM · Muskan Dixit
विधान सभा परिसर में सत्र में जाने से पूर्व प्रदर्शन करते सपा के विधायक शिवपाल सिंह यादव व अन्य के विधायक

शिवपाल सिंह यादव

Aug 04, 2026 · 12:00 PM · Muskan Dixit
सदन में जाती सपा की विनायक रागिनी सोनकर

सदन में जाती सपा की विनायक रागिनी सोनकर

Aug 04, 2026 · 11:49 AM · Muskan Dixit
अनुपूरक बजट से सरकार अपनी नाकामी छिपाना चाहती है : शिवपाल

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो सरकार से अपने मूल बजट से ही 30 से 50 प्रतिशत तक खर्च कर सकी है, वह अब अनुपूरक बजट के जरिए अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।

यादव ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार को यह बताना चाहिए कि जब मूल बजट का बड़ा हिस्सा ही खर्च नहीं किया जा सका तो अनुपूरक बजट लाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। इससे सरकार की वित्तीय योजना और संसाधनों के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने अयोध्या में रामलला के मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु राम के नाम पर राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी को पहले इन मामलों में जवाबदेही तय करनी चाहिए। जब इन मुद्दों पर भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया तो प्रदेश के खजाने के प्रबंधन पर जनता का विश्वास कैसे कायम रहेगा।

सपा नेता ने कहा कि वर्तमान सरकार विकास कार्यों की अपेक्षा प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है और जवाबदेही तय करने के बजाय बहाने बनाने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को अनुपूरक बजट की नहीं, बल्कि ईमानदार नीयत, पारदर्शी शासन और बेहतर वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश करेगी। विपक्ष ने बजट पेश होने से पहले ही सरकार की वित्तीय कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

Aug 04, 2026 · 11:12 AM · Muskan Dixit
सदन की कार्रवाही स्थगित

भारी हंगामे के बीच सदन की कार्रवाही 12ः20 मिनट तक स्थगित

Aug 04, 2026 · 11:09 AM · Muskan Dixit
अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर सरकार का जोर

अनुपूरक बजट में नई योजनाओं के लिए प्रावधान किए जाने के साथ चालू वित्तीय वर्ष में पहले से स्वीकृत योजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की तैयारी है।

अवस्थापना, औद्योगिक विकास, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किए जाने की संभावना है। सरकार अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को भी अनुपूरक बजट के जरिए रफ्तार देने की तैयारी में है।

इनमें नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

Aug 04, 2026 · 11:09 AM · Muskan Dixit
शिवपाल यादव ने अनुपूरक बजट को लेकर सरकार पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने अनुपूरक बजट को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार अपने मूल बजट का 30 से 50 प्रतिशत तक खर्च नहीं कर सकी, वह अनुपूरक बजट के जरिए अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में शिवपाल यादव ने रामलला के दरबार में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों और कथित गड़बड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब इन मामलों में जवाबदेही तय नहीं हो पाई तो प्रदेश के खजाने की जवाबदेही को लेकर जनता कैसे भरोसा करे।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विकास से अधिक प्रचार और जवाबदेही से ज्यादा बहानों पर भरोसा करती है। शिवपाल यादव के मुताबिक उत्तर प्रदेश को अनुपूरक बजट के बजाय ईमानदार नीयत और बेहतर वित्तीय प्रबंधन की जरूरत है।

Aug 04, 2026 · 11:08 AM · Muskan Dixit
ग्राम्य विकास के लिए 16 हजार करोड़ से ज्यादा की मांग

सरकार के पहले अनुपूरक बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास से जुड़ी योजनाओं को खास महत्व मिलने की संभावना है। इसके तहत मनरेगा और वीबी-ग्राम जी के लिए कुल 16,402.46 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग रखी गई है।

इसमें अकेले वीबी-ग्राम जी के लिए 13,902.46 करोड़ रुपये और मनरेगा के सामग्री मद में 2,500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।

वीबी-ग्राम जी में सामग्री मद के लिए सबसे बड़ा 5,445.85 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके अलावा श्रमांश (अन्य) के लिए 4,609.37 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति श्रमांश के लिए 2,675.63 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति श्रमांश के लिए 133.78 करोड़ रुपये और प्रशासनिक मद में 1,037.83 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित है।

मनरेगा के लिए सामग्री मद में अलग से 2,500 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग रखी गई है।

Aug 04, 2026 · 11:08 AM · Muskan Dixit
रोजगार, विकास और नई योजनाओं पर नजर

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट के जरिए सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी में है। ग्रामीण रोजगार से लेकर बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य तक कई क्षेत्रों में अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किए जाने की संभावना है।

वहीं, विधानसभा परिसर में विपक्षी विधायकों के प्रदर्शन ने मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को भी सामने ला दिया है। शिक्षक भर्ती, आरक्षण और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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