गंगा का जलस्तर बढ़ा तो SDRF अलर्ट, ऋषिकेश में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई; घाटों पर कड़ी निगरानी

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Edited By Muskan Dixit
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कांवड़ मेला-2026 के बीच ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला के संवेदनशील घाटों पर SDRF की तैनाती, तेज बहाव और गहरे पानी में जाने से श्रद्धालुओं को रोका जा रहा

ऋषिकेश: उत्तराखंड में कांवड़ मेला-2026 के दौरान गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने ऋषिकेश क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी और मजबूत कर दी है। श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए SDRF की टीमें प्रमुख घाटों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार तैनात हैं।

ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले प्रमुख घाटों पर SDRF जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं। गंगा में तेज बहाव और गहरे पानी वाले हिस्सों में श्रद्धालुओं तथा कांवड़ यात्रियों को प्रवेश करने से रोका जा रहा है।

घाटों पर लगातार गश्त, लाउडहेलर से हो रही अपील

SDRF की टीमें घाटों पर नियमित गश्त कर रही हैं और लोगों को नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक कर रही हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम न लेने की सलाह दी जा रही है।

सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को लाउडहेलर के जरिए भी लगातार प्रसारित किया जा रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित घाटों पर ही स्नान करने और गहरे पानी तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल में समन्वय

कांवड़ मेले के दौरान SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा एवं बचाव व्यवस्था संभाल रहे हैं। संवेदनशील घाटों पर सभी एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि गंगा का जलस्तर और बहाव बढ़ने की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कांवड़ यात्रियों से जोखिम न लेने की अपील

SDRF ने श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों से गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को गंभीरता से लेने की अपील की है। लोगों से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक जोखिम से बचने को कहा गया है।

अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालुओं की सतर्कता और सहयोग से ही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।

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