Uttarakhand News : दक्षिण भारत, राजस्थान व गुजराती सैलानियों ने बढ़ाई पर्यटकों की आमद
नैनीताल में दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के सैलानियों की आमद सर्वाधिक रही
सरोवर नगरी नैनीताल के पर्यटन में इस ग्रीष्मकालीन सीजन में पिछले साल के मुकाबले 85 हजार से अधिक पर्यटकों की वृद्धि दर्ज की गई है। कैंची धाम आने वाले यूपी-दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और दक्षिण भारत के सैलानियों ने शहर की रौनक बढ़ा दी है।
नैनीताल, अमृत विचार। सरोवर नगरी में राजस्थानी, गुजराती और दक्षिण भारतीय सैलानियों की आमद बढ़ने से इस वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में सैलानियों की आमद में अधिक वृद्धि दर्ज हुई है। दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के सैलानियों की आमद सर्वाधिक रही। सैलानियों की आमद बढ़ाने में कैंची धाम की भूमिका अहम रही।
जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने बताया कि इसमें दोराय नहीं कि अब देश के उन प्रदेश के सैलानी पहुंचने लगे हैं, जो पूर्व में कभी कभार ही नजर आते थे, लेकिन अब स्थितियां बदलने लगी हैं और नैनीताल के प्रति दक्षिण भारत, गुजरात और राजस्थान के सैलानियों का आकर्षण बढ़ा है। इस वर्ष अप्रैल से जून के बीच चलने वाले ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में इन क्षेत्रों के सैलानी बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। जिसके चलते माना जा सकता है कि इन प्रदेशों के सैलानियों के कारण गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सैलानियों की आमद में अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के सैलानियों की संख्या अमूमन गत वर्ष की भांति ही रही। इनके अलावा अन्य प्रदेशों के सैलानियों की बात करें तो महाराष्ट्र , मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के सैलानियों की संख्या सीमित रही। हालाकि ऑटम सीजन में आने वाले बंगाली पर्यटक ग्रीष्मकालीन सीजन में भी पहुंचे हैं। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में सैलानियों की आमद में वृद्धि का बड़ा कारण कैंची धाम आने वाले पर्यटक रहे हैं। दक्षिण भारत और राजस्थान के अधिकांश सैलानी कैंची धाम नीम करौरी बाबा के दर्शन के बाद नैनीताल पहुंचे हैं।
85214 अधिक पहुंचे सैलानी
नैनीताल: ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में पर्यटन विभाग से प्राप्त अप्रैल से जून के बीच तीन माह में पहुंचे सैलानियों के आंकड़े निम्नवत हैं। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 85214 सैलानी अधिक पहुंचे।
वर्ष 2025 - 617306
वर्ष 2026 - 702520
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