एआई कैमरों को अंधा कर देंगे जादुई कपड़े 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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जैसे-जैसे दुनिया के तमाम देशों में सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर चेहरे की पहचान तकनीक (फेशियल रिकग्निशन टेक्नालॉजी) को लागू किया जा रहा है, कथित रूप से इस तकनीक को धोखा देने वाले परिधानों की मांग और बिक्री भी बढ़ रही है। बढ़ती निगरानी और डेटा गोपनीयता की चिंताओं ने इस विशेष फैशन तकनीक को जन्म दिया है। इसी कारण डिजाइनरों की नई पीढ़ी का कहना है कि गोपनीयता अगला बड़ा फैशन ट्रेंड बन सकती है। इस संभावना को भांपते हुए ही कई प्रमुख परिधान कंपनियों ने अपने कपड़ों में ‘एडवर्सरियल पैटर्न’ को शामिल करना शुरू कर दिया है। इस पैटर्न में आकृतियों, रंगों और दोहराए जाने वाले ज्यातिमिय रेखांकन को इस तरह डिजाइन किया जाता है, जिन्हें कंप्यूटर विजन सिस्टम में कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए जाना जाता है।                                     

चेहरे की पहचान तकनीक को धोखा देने वाले परिधानों को ‘एंटी-सर्विलांस वियरेबल्स’ कहा जाता है। इस तरह के विरोधी परिधान मुख्य रूप से दो सिद्धांतों पहचान को छिपाने या सिस्टम को भ्रमित करने पर काम करते हैं। ऐसे कपड़ों पर कंप्यूटर जनित ऐसे जटिल प्रिंट या चेहरे के भ्रम पैदा करने वाले पैटर्न जैसे एडवरसैरियल पैच आदि होते हैं, जिन्हें देखकर एआई एल्गोरिदम भ्रमित हो जाता है। सिस्टम को लगता है कि कपड़े पर कई सारे लोग मौजूद हैं, इसके चलते वह वास्तविक व्यक्ति की पहचान नहीं कर पाता है। चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे नाक, आंख और होंठों के बीच की दूरी को मापते हैं। ऐसे में चेहरे की पहचान तकनीक को धोखा देने वाले परिधान इस ज्यामिति को ही बदल देते हैं। इसी तरह कुछ विशेष प्रकार की हुडी, मास्क या चश्मों में इन्फ्रारेड  एलईडी लाइट्स लगी होती हैं। ये रोशनी इंसानी आंखों को दिखाई नहीं देती, लेकिन सुरक्षा कैमरों के सेंसर को अंधा कर देती हैं, जिससे चेहरे की जगह केवल एक चमकीला धब्बा दिखाई देता है।

जल्दी ही मुख्य धारा में आ सकते अदृश्य सुरक्षा परिधान 

डिजाइनरों का कहना है कि कंप्यूटिंग में हुई प्रगति ने चेहरे की पहचान तकनीक को धोखा देने वाले पैटर्न को व्यावसायिक रूप से उपयोगी कपड़ों में शामिल करना आसान बना दिया है। जल्दी ही प्रमुख ब्रांड स्मार्ट, आकर्षक स्टाइल को अदृश्य सुरक्षा के साथ जोड़ सकते हैं। कपड़ों के एक प्रमुख ब्रांड के संस्थापक का मानना है कि ‘विरोधी वस्त्र’ कुछ ही समय में मुख्यधारा में आ सकते हैं। समाज में लोगों के बीच ‘निगरानी विरोधी भावनाएं इतनी व्यापक हैं कि अगर कोई एक सेलिब्रिटी ऐसे किसी परिधान को किसी हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में पहन ले, तो इस तरह के फैशन को लोकप्रिय होने में देर नहीं लगेगी।

चेहरे की पहचान करने वाले एल्गोरिदम को करते भ्रमित

विशेषज्ञों के अनुसार, पहचान तकनीक को धोखा वाले पैटर्न की प्रभावशीलता निगरानी प्रणाली और उसके उपयोग की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। ब्रिटेन में क्रिएटिव एआई, फैशन और डिजिटल संस्कृति की वरिष्ठ लेक्चरर डॉ. जेनिफर बेल के अनुसार एंटी-फेशियल रिकग्निशन डिजाइन वाले कपड़े अब आसानी से बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध हो रहे हैं और इन्हें एक लक्षित वर्ग को जमकर बेचा जा रहा है। इस तरह "बढ़ती जागरूकता और कीमतों में कमी एक वास्तविक सांस्कृतिक बदलाव की ओर ले जाने वाले निर्णायक मोड़ का संकेत दे रही है।" 

यूरोप की एक प्रमुख परिधान कंपनी का दावा है कि उसके द्वारा विकसित डिजाइनों में बड़े-बड़े प्रिंट, असममित कट और स्ट्रीटवियर से प्रेरित सिल्हूट का इस्तेमाल किया गया है, ताकि चेहरे की पहचान करने वाले एल्गोरिदम को भ्रमित किया जा सके। कंपनी का कहना है कहा कि उसके अर्बन घोस्ट कोट के हुड में एलईडी लगी हैं जो इन्फ्रारेड प्रकाश उत्सर्जित करती हैं और नाइट-विजन सर्विलांस कैमरों को चकाचौंध कर देती हैं। इसी तरह एक अमेरिकन कंपनी का कहना है कि उनके डिजाइन इस तथ्य पर आधारित हैं कि चेहरे की पहचान प्रणाली तब गड़बड़ा जाती है, जब वह एक साथ कई चेहरे देखती हैं। उसके बनाए पैटर्न चेहरा पहचान प्रणाली के साथ खेलते हैं, एल्गोरिदम को भ्रमित करते हैं और पहचान पकड़ना काफी मुश्किल बना देते हैं।

फैशन और सुरक्षा के बीच छिड़ेगा दिलचस्प मुकाबला

कुल मिलाकर यह तकनीक अपनी सीमाओं के बावजूद डिजिटल युग में निजी स्वतंत्रता और प्राइवेसी बनाए रखने का एक अनोखा माध्यम बन रही है, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि कई देशों में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने या पहचान छिपाने वाले परिधानों को लेकर कड़े कानून हैं। लेकिन जैसे-जैसे एआई तकनीक उन्नत हो रही है, वह इन परिधानों के बावजूद थर्मल स्कैनिंग और चाल ढाल से भी इंसान को पहचानने में सक्षम हो रही है। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि यह तकनीक फैशन और सुरक्षा के बीच एक दिलचस्प मुकाबले जैसी है।

-मनोज त्रिपाठी, कानपुर