Bahraich News : मासूमों के आंसुओं पर पिघला DM का दिल, गुहार लेकर पहुंची पीड़िता को खिलाए गोंद के लड्डू, दिए कार्रवाई के आदेश

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

बहराइच में जनसुनवाई के दौरान एक पीड़िता अपने बच्चों के साथ डीएम के पास पहुंची। मासूम बच्चों को रोता देख डीएम का दिल पसीज गया। उन्होंने बच्चों को गोंद के लड्डू खिलाए, पीड़िता की शिकायत सुनी और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

भागवत शुक्ला/बहराइच। खाकी और प्रशासन के सख्त रवैये की खबरों के बीच कई बार अधिकारियों का ऐसा मानवीय चेहरा सामने आता है, जो न्याय की उम्मीद को जिंदा करने के साथ-साथ इंसानियत पर भरोसा भी मजबूत करता है। ऐसा ही एक बेहद संवेदनशील नजारा बहराइच जिलाधिकारी आवास पर देखने को मिला, जब दर-दर भटक रही एक बेबस मां अपने दो मासूमों का हाथ थामे रोते-बिलखते इंसाफ की गुहार लगाने पहुंची।

दो बच्चों के बावजूद पति ने कर ली दूसरी शादी 

रुपईडीहा थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव की रहने वाली सुनीता देवी की जिंदगी उस वक्त बिखर गई जब उसके पति बच्छराज ने पहली पत्नी और दो मासूम बच्चों को दरकिनार कर बिहार से चुपचाप दूसरी शादी कर ली। इसके बाद गांव के संभ्रांत लोगों के बीच हुए समझौते के मुताबिक पीड़िता को रोड किनारे का मकान, ढाई बीघा जमीन और बच्चों के भरण-पोषण का खर्च देने का वादा किया गया था। लेकिन पति ने गांव के ही एक व्यक्ति के साथ मिलकर साजिश रची और छल-कपट से चार बीघा जमीन बेच डाली। अब सिर्फ डेढ़ बीघा जमीन बची है और पीड़िता अपने 10 वर्षीय बेटे अरविंद तथा 8 वर्षीय बेटी अंजली के साथ भुखमरी के कगार पर पहुंच चुकी है।

साल भर से काट रही पुलिस अधिकारी के चक्कर 

पिछले दो सालों से पुलिस और अधिकारियों के चक्कर काट रही पीड़िता जब पूरी तरह से थक-हार गई, तो वह अपने मासूम बच्चों के अंधकारमय भविष्य को बचाने के लिए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के पास पहुंची। रोती-बिलखती सुनीता ने जब अपनी पूरी आपबीती सुनाई, तो जिलाधिकारी का इंसानियत भरा रूप देखने को मिला। उन्होंने पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़िता की बात सुनी और बच्चों की मासूमियत देखकर उनका दिल पसीज गया।

DM ने खिलाया लड्डू, मामले में जांच के दिए निर्देश 

जिलाधिकारी ने तुरंत अपने अर्दली को घर के अंदर से गोंद के लड्डू मंगाने के निर्देश दिए और बच्चों व महिला को पानी पिलवाया। भूखे-प्यासे बच्चों के चेहरे पर लड्डू देखकर जो सुकून आया, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल छू लिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने बिना समय गंवाए रुपईडीहा थानाध्यक्ष को फोन मिलाकर सख्त हिदायत दी कि वह फौरन पीड़िता के घर पहुंचे, पूरे मामले की निष्पक्ष तहकीकात करें और महिला व उसके बच्चों को न्याय दिलाएं। साथ ही उन्होंने पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट खुद उन्हें सौंपने का निर्देश भी दिया। जिलाधिकारी के इस मानवीय और संवेदनशील रवैये ने पीड़िता के आंसुओं को पोंछने के साथ ही न्याय की नई उम्मीद जगाई है।

ये भी पढ़ें : 
Hardoi News: बेटी होने पर मां को गांव से निकाला, कोर्ट के आदेश पर 5 ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज

 

संबंधित समाचार