AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद, IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कोर्ट ने किया सजा का ऐलान
दिल्ली दंगा केस में बड़ा फैसला, IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड: कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा,
दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के दोषी आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य को शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने सभी पांच दोषियों को सजा सुनाई और कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका है कि दोषियों में सुधार की गुंजाइश नहीं है।
कोर्ट ने कड़ी सुरक्षा के बीच सुनाया फैसला
कड़ी सुरक्षा के बीच हुसैन और अन्य लोगों की उपस्थिति में फैसला सुनाया गया। अदालत कक्ष खचाखच भरा हुआ था, जहां वकीलों के अलावा अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त और डीसीपी सहित दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने सभी पांच दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए कहा था कि शर्मा पर लगातार हमला करते समय वे ''जानवर होने के स्तर'' तक गिर गए थे।
दोषियों पर दया और रियायत नहीं
विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने कहा था कि शर्मा की बेरहमी से हत्या की गई थी और दोषियों ने उन पर कोई दया नहीं दिखाई, इसलिए उन्हें कोई रियायत नहीं दी जानी चाहिए। पांडे ने कहा था कि जो लोग आज दया की गुहार लगा रहे हैं, उन्हें खुद दया दिखानी चाहिए थी, किसी की तरफ से कोई रहम नहीं दिखाया गया और अंकित को किसी ने अस्पताल भी नहीं पहुंचाया।
पांडे ने कहा था कि इतनी क्रूरता से हत्या करने के बाद दोषी दया की गुहार लगा रहे हैं। अदालत ने 13 जुलाई को हुसैन और चार अन्य को शर्मा की हत्या के लिए दोषी ठहराया, जिन पर दंगों के दौरान भीड़ ने हमला किया था। बाद में शर्मा का शव एक नाले में मिला। अपने फैसले में, अदालत ने माना कि हुसैन भारी हथियारों से लैस भीड़ का सदस्य था, जो हिंदुओं के प्रति दुर्भावना के साथ दंगा, आगजनी और लूटपाट करने के लिए इकट्ठा हुई थी और हमले में शर्मा की हत्या कर दी गई।
