Explainer: NTA आखिर है क्या? जिस एजेंसी पर उठे सबसे बड़े सवाल, जानिए कैसे करती है काम और क्यों बार-बार विवादों में आई

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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नीट पेपर लीक विवाद, छात्रों के लंबे आंदोलन, 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर चर्चा में है। जानिए NTA क्या है, इसकी जिम्मेदारियां क्या हैं, अब तक किन विवादों में रही और इसमें क्या बड़े बदलाव हो सकते हैं।

डिजिटल डेस्कः नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक ऐसी संस्थान जिसने शिक्षा व्यवस्था की नीव ही हिला दी। NTA और पेपर लीक का इतना पुराना नाता हो गया है कि देश में एक ऐसा अंदोलन छि़ड़ा की एजेंसी के 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी हो गई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तक देना पड़ गया। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि NTA क्या है, इसे क्यों बनाया गया था और अब इसमें क्या बदलाव संभव हैं।

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NTA क्या है?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) केंद्र सरकार की एक ऑटोनॉमस संस्था है, जिसका गठन देशभर में राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान मानकों के साथ आयोजित करने के उद्देश्य से किया गया था। एजेंसी का गठन सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत किया गया। यह संस्था शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है।

NTA की स्थापना कब हुई?

केंद्र सरकार ने साल 2017 में NTA की स्थापना की थी। साल 2019 से एजेंसी ने NEET-UG का आयोजन शुरू किया। इसके बाद JEE Main, UGC-NET, CUET समेत कई राष्ट्रीय परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी को सौंपी गई।

NTA की मुख्य जिम्मेदारियां क्या हैं?

NTA का मुख्य कार्य राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं का सुचीबद्ध तरीके से आयोजन करना है। इसके अलावा एजेंसी—

- निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा आयोजित करती है।
- परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए रिसर्च करती है।
- मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के सुझाव देती है।
- इसके साथ ही शिक्षा एवं पेशेवर परीक्षाओं से संबंधित डेटा और अध्ययन उपलब्ध कराती है।

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NTA का प्रशासनिक ढांचा कैसे काम करता है?

NTA एक ऑटोनॉमस संस्था है, लेकिन इसका संचालन शिक्षा मंत्रालय के अधीन होता है। क्वेश्चन पेपर तैयार करने, एग्जाम सेंटर का चयन, डिजिटल सुरक्षा, एग्जाम को सही से कराना, रिजल्ट जारी करना और टेकनिकल मैनेजमेंट के लिए अलग-अलग यूनिट में काम करती हैं।

NTA कब-कब विवादों में रही?

सबसे बड़ा विवाद 2024 के NEET-UG के एग्जाम के दौरान सामने आया, जब पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप में एजेंसी का घिराव हुआ। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच CBI को सौंप दी।

इसी साल UGC-NET जून 2024 परीक्षा भी संभावित गड़बड़ियों की वजह से रद्द कर दी गई थी और उसकी जांच भी CBI को सौंपी गई।

इसके बाद साल 2026 आया और एक बार फिर NEET पेपर लीक विवाद सामने आया, जिसके बाद NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने एक बार फिर शुरू हो गए।

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2024 के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए थे?

2024 के विवादों के बाद सरकार ने कई अहम फैसले लिए—

- जांच CBI को सौंपी गई।
- तत्कालीन NTA महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को पद से हटाया गया।
- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू किया गया।
- पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटी (HLCE) बनाई गई।
- विशेषज्ञ समिति ने परीक्षा सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही बढ़ाने की कई सिफारिशें दीं।
- बाद में हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी का गठन भी किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

सुप्रीम कोर्ट ने 2 अगस्त 2024 के अपने फैसले में कहा था कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पूरे देश में व्यवस्थित और व्यापक स्तर पर पेपर लीक साबित नहीं होता, जिससे पूरी परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई हो।

हालांकि, अदालत ने परीक्षा प्रणाली में स्थायी और संस्थागत सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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2026 के विवाद के बाद अब तक क्या हुआ?

हालिया घटनाक्रम में—

- लगभग 20 लाख छात्र NEET-UG परीक्षा में शामिल हुए।
- पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
- छात्रों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किया।
- NTA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया।
- कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई।
- एजेंसी के व्यापक पुनर्गठन (Overhaul) की बात सामने आई।

इस बार यह पेपर लीक सिर्फ एक मामूली प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा और इसकी वजह से एक ऐसा आंदोलन छिड़ा जिसने देश के युवाओं को एक साथ खड़ा कर दिया।

NTA में अब क्या बड़े बदलाव हो सकते हैं?

विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और हालिया घटनाओं के आधार पर इन सुधारों पर चर्चा है—

- आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में बदलाव।
- निजी वेंडर्स के चयन के नियम सख्त करना।
- प्रश्नपत्रों की सुरक्षा प्रणाली मजबूत करना।
- परीक्षा केंद्रों की निगरानी बढ़ाना।
- डिजिटल सुरक्षा और साइबर मॉनिटरिंग मजबूत करना।
- कंप्यूटर आधारित और ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए अलग SOP लागू करना।
- जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाना।
- नए प्रशासनिक ढांचे और विशेषज्ञ इकाइयों का गठन।

NTA के अलावा कौन-कौन राष्ट्रीय परीक्षाएं कराता है?

देश में कई अन्य संस्थाएं भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करती हैं—

- UPSC – IAS, IPS, IFS, NDA, CDS सहित सिविल सेवा परीक्षाएं।
- SSC – केंद्र सरकार की विभिन्न भर्तियां।
- RRB – रेलवे भर्ती परीक्षाएं।
- IBPS – बैंक पीओ, क्लर्क, SO और RRB भर्ती।
- Consortium of NLUs – CLAT।
- IIMs – CAT।
- ICAI – CA परीक्षाएं।
- NBEMS – NEET-PG, NEET-SS, FMGE आदि।

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