कारगिल विजय दिवस पर PM मोदी और राजनाथ सिंह का बड़ा संदेश, वीरों को नमन के साथ दुश्मनों को भी दी कड़ी चेतावनी
कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने सैनिकों के साहस को राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बताया, जबकि रक्षा मंत्री ने कहा कि घुसपैठियों की मंशा आज भी नहीं बदली है और भारतीय सेना हर चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नई दिल्ली/द्रास: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के वीर सैनिकों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों का शौर्य हमेशा देश के लिए प्रेरणा और राष्ट्रीय गौरव का स्रोत रहेगा। वहीं रक्षा मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा के खिलाफ साजिश रचने वालों की मंशा आज भी नहीं बदली है, लेकिन भारतीय सेना हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।
PM मोदी बोले- वीर सैनिकों का शौर्य हमेशा रहेगा प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि ''कारगिल विजय दिवस पर, हमारा राष्ट्र भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उनके असाधारण साहस और प्रतिबद्धता के लिए वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। अत्यन्त विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए प्रदर्शित उनका शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को निरन्तर प्रेरित करता रहेगा।"
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राजनाथ सिंह ने शहीदों को किया नमन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा, "कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी वीर सैनिकों को शत-शत नमन। वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम चोटियों पर असाधारण पराक्रम का परिचय देने वाले सभी वीर सैनिकों के प्रति देशवासी सदैव कृतज्ञ एवं ऋणी रहेंगे।"
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
'घुसपैठियों की मंशा आज भी नहीं बदली'
द्रास में आयोजित 'शौर्य भोज' कार्यक्रम के दौरान सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के समय जैसी घुसपैठ की कोशिशें थीं, वैसी ही मानसिकता आज भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि विरोधी तत्व आज भी परोक्ष युद्ध और घुसपैठ जैसे तरीकों का सहारा लेते हैं, लेकिन भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि सैनिकों को अत्याधुनिक हथियार, आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
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'यह हमारी सदी है'
राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि आने वाला समय भारत का है और भारतीय सशस्त्र बल दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में अपनी पहचान और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भारतीय सैनिकों में राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना बनी रहेगी, तब तक दुनिया की कोई भी ताकत भारत की ओर बुरी नजर डालने का साहस नहीं कर सकेगी।
कारगिल विजय दिवस का महत्व
कारगिल विजय दिवस आज से 27 वर्ष पहले भारतीय सेना के रणबांकुरों ने करीब तीन महीने तक बेहद विषम परिस्थितियों में चले संघर्ष के बाद अपने साहस और वीरता से कारगिल की चोटियों पर कब्जा जमाए बैठे पाकिस्तान के जवानों और और घुसपैठियों को खदेड़ दिया था। इसके बाद से हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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