Education : Uttarakhand के 20 सरकारी कॉलेज होंगे आजाद, खुद तैयार करेंगे पेपर और सिलेबस
कॉलेज खुद तैयार कर सकेंगे सिलेबस और प्रश्नपत्र, लेकिन डिग्री संबंधित विश्वविद्यालय के नाम से ही जारी होगी
उत्तराखंड के 20 सरकारी कॉलेजों को ऑटोनॉमस दर्जा देने की तैयारी है। एमबीपीजी कॉलेज समेत कई संस्थान अपने सिलेबस, प्रश्नपत्र और परीक्षा प्रणाली तय कर सकेंगे
हल्द्वानी। उत्तराखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 20 सरकारी कॉलेजों को ऑटोनॉमस (स्वायत्त) दर्जा देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित सूची में हल्द्वानी का एमबीपीजी कॉलेज समेत कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई प्रमुख कॉलेज शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, संबंधित कॉलेजों की ओर से विश्वविद्यालयों को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने और यूजीसी के मानकों को पूरा करने के बाद इन कॉलेजों को ऑटोनॉमस का दर्जा दिया जाएगा।
कॉलेजों को मिलेंगे ये अधिकार
ऑटोनॉमस दर्जा मिलने के बाद कॉलेज अपने स्तर पर पाठ्यक्रम (सिलेबस) तैयार कर सकेंगे, प्रश्नपत्र बनाने की व्यवस्था कर सकेंगे, परीक्षा प्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया तय कर सकेंगे। हालांकि, छात्रों को मिलने वाली डिग्री संबंधित विश्वविद्यालय के नाम से ही जारी होगी।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप होगा बदलाव
ऑटोनॉमस व्यवस्था लागू होने से कॉलेज स्थानीय जरूरतों और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए नए पाठ्यक्रम शुरू कर सकेंगे। इससे नई शिक्षा नीति-2020 के तहत कौशल आधारित और नवाचार से जुड़े कोर्स लागू करने में भी मदद मिलेगी।
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ऑटोनॉमस दर्जा पाने के लिए कॉलेजों को यूजीसी के निर्धारित मानकों, बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता, नैक (NAAC) मान्यता, पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था जैसी शर्तों को पूरा करना होगा।
परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया में आएगी तेजी
विभाग का मानना है कि स्वायत्त व्यवस्था लागू होने के बाद परीक्षाओं और परिणामों की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही रोजगारपरक और नए प्रयोगों पर आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का रास्ता भी आसान होगा।
उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. एएस उनियाल ने बताया कि कई कॉलेजों ने ऑटोनॉमस दर्जा दिए जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कॉलेजों की ओर से संबंधित विश्वविद्यालयों से अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। यूजीसी के मानकों को पूरा करने और आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद कॉलेजों को स्वायत्त दर्जा मिल सकेगा।
इन 20 कॉलेजों को ऑटोनॉमस बनाने की तैयारी
एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी
रामनगर कॉलेज
खटीमा कॉलेज
कोटद्वार कॉलेज
लोहाघाट कॉलेज
उत्तरकाशी कॉलेज
डोईवाला कॉलेज
कर्णप्रयाग कॉलेज
रानीखेत कॉलेज
डाकपत्थर, विकासनगर (देहरादून)
हल्दूचौड़ कॉलेज
तलवाड़ी, चमोली
बेरीनाग कॉलेज
कपकोट कॉलेज
पुरोला, उत्तरकाशी
नई टिहरी कॉलेज
रुद्रपुर कॉलेज
काशीपुर राधेहरि कॉलेज
सोमेश्वर कॉलेज
थलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल कॉलेज
