CWG 2026: मुरली श्रीशंकर ने फिर रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार जीता लंबी कूद का सिल्वर मेडल

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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दो साल तक घुटने की गंभीर चोट से जूझने के बाद भारतीय स्टार एथलीट ने शानदार वापसी की। राष्ट्रमंडल खेलों की लंबी कूद स्पर्धा में लगातार दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।

ग्लास्गो। भारतीय एथलेटिक्स के लिए राष्ट्रमंडल खेल 2026 से एक और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने पुरुष लंबी कूद स्पर्धा में 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वह राष्ट्रमंडल खेलों की लंबी कूद स्पर्धा में लगातार दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

बर्मिंघम 2022 में भी रजत पदक जीत चुके 27 वर्षीय श्रीशंकर ने चोट से वापसी के बाद यह उपलब्धि हासिल कर अपने करियर में नया अध्याय जोड़ दिया।

Murali Sreeshankar

चोट के बाद दमदार वापसी

यह पदक श्रीशंकर के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि अप्रैल 2024 में उनके घुटने की पैटलर टेंडन फट गई थी। सर्जरी के कारण वह पेरिस ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके थे और उनके करियर को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। हालांकि उन्होंने कठिन पुनर्वास के बाद वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन से सभी आशंकाओं को गलत साबित कर दिया।

Murali Sreeshankar (3)

स्वर्ण से चूके, लेकिन इतिहास रच दिया

प्रतियोगिता में श्रीशंकर ने पहले प्रयास में 8.03 मीटर और दूसरे प्रयास में 8.09 मीटर की छलांग लगाई। इसके बाद उनके तीसरे और चौथे प्रयास फाउल रहे, जबकि पांचवें प्रयास में उन्होंने 7.94 मीटर की दूरी तय की।

हालांकि, जमैका के ताजे गेले ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीत लिया। वहीं मेजबान स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने 8.08 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

स्वर्ण नहीं जीत पाने का रहा मलाल

रजत पदक जीतने के बावजूद श्रीशंकर ने कहा कि उनका लक्ष्य इस बार स्वर्ण पदक जीतना था। उन्होंने कहा कि वह अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और आगे अपनी तकनीक पर और काम करेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह पदक आने वाले एशियाई खेलों के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगा।

Murali Sreeshankar (1)

भारतीय लंबी कूद में नया रिकॉर्ड

श्रीशंकर से पहले राष्ट्रमंडल खेलों की लंबी कूद स्पर्धा में भारत के लिए केवल सुरेश बाबू (1978 कांस्य), अंजू बॉबी जॉर्ज (2002 कांस्य) और एम. प्रजुषा (2010 रजत) ही पदक जीत सके थे। अब लगातार दो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतकर श्रीशंकर ने भारतीय एथलेटिक्स में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

इस सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन

मुरली श्रीशंकर पूरे सीजन बेहतरीन लय में रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष कई प्रतियोगिताओं में आठ मीटर से अधिक की छलांग लगाई। भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 8.38 मीटर की छलांग लगाकर सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया था।

वहीं इसी स्पर्धा में भारत के दूसरे एथलीट लोकेश सत्यनाथन ने 7.97 मीटर की छलांग लगाई और पांचवें स्थान पर रहे।

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