NEET विवाद: सरकार-CJP वार्ता के बाद बढ़ी उम्मीदें, सरकार ने मानी 3 में से 2 मांगे; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधियों से की करीब दो घंटे बातचीत, संगठन ने कहा- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच शुक्रवार को अहम बैठक हुई। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ करीब दो घंटे तक बातचीत की और कई विषयों पर चर्चा भी की। 

बैठक के दौरान CJP ने सरकार को पांच पैराग्राफ का लिखित मांगपत्र सौंपा। संगठन ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर अपनी मांगों और सुझावों को विस्तार से रखा।

जेपी नड्डा ने क्या कहा?

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि बातचीत काफी सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने कहा कि CJP की ओर से तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े पांच सुझाव दिए गए हैं। सरकार इन बिंदुओं पर विचार कर रही है और कल दोपहर फिर बैठक कर अपना पक्ष आंदोलनकारियों के सामने रखेगी।

क्या थीं CJP की तीन प्रमुख मांगें

- प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर और कानूनी मामले वापस लिए जाएं, कार्रवाई के लिए सरकार माफी मांगे।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
- NEET की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

दो मांगों पर सकारात्मक संकेत का दावा

बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने छात्रों के परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर एवं कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति जता दी है।

हालांकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है और कल दोपहर तक का समय मांगा है। रांका ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि सरकार इस मांग पर भी सकारात्मक निर्णय ही लेगी।

न्यूट्रल स्थान पर हुई बैठक

आपको बता दें कि सरकार ने पहले CJP को जेपी नड्डा के आवास पर या फिर कार्यालय में बातचीत का प्रस्ताव दिया था। CJP ने किसी न्यूट्रल स्थान पर चर्चा की मांग की, जिसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक आयोजित की गई।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान

सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने के बावजूद CJP ने स्पष्ट किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस मांग पर कोई समझौता नहीं होगा।

पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी

इसी बीच केंद्र सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए नए कानून की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रस्तावित मसौदे पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट, समयबद्ध सुनवाई, 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने जैसे कड़े प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधेयक को संसद में पेश किए जाने की संभावना है।

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