सरकार के अहंकार की हार व लोकतंत्र की जीत है प्रधान का इस्तीफा : प्रमोद तिवारी
प्रतापगढ़, अमृत विचार : राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत है। शिक्षा मंत्री पद से प्रधान के त्याग पत्र देने से देश के युवाओं की जीत हुई है। मोदी सरकार के अहंकार की पराजय है। पेपरलीक को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने लम्बे समय से आंदोलनरत छात्रों की नैतिक मांगों को लेकर आवाज बुलन्द की।
धर्मेन्द्र प्रधान के कार्यकाल में एक 152 बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपरलीक हुए। उन्होने कहा कि सच्चाई तो यह है कि धर्मेन्द्र प्रधान अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अन्त तक इस्तीफा देने से बचत में ही लगे रहे। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि जब किसी भी तरफ से त्याग पत्र देने वाले मंत्री को राहत नही मिली तब वह इस्तीफा देने के लिए मजबूर हुए। उन्होने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का त्याग पत्र देना मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष की एक बड़ी जीत है।
सांसद प्रमोद तिवारी ने यह भी दावा जताया है कि केन्द्रीय मंत्री का इस्तीफा देना स्पष्ट संकेत है कि अब मोदी युग के तानाशाही युग के समाप्ति की शुरूआत हो चुकी है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान शनिवार को मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी हुआ है।
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