असम में बाढ़ का कहर अभी बरकरार, 6.54 लाख से अधिक लोग प्रभावित; 66 तक पहुंचा मृतकों का आंकड़ा

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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बारिश थमने से कई जिलों में जलस्तर घटा, राहत कार्यों में आई तेजी। शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित, 274 राहत शिविरों में हजारों विस्थापितों को दी जा रही सहायता।

असमः असम में बाढ़ की स्थिति में रविवार को कुछ राहत के संकेत मिले हैं। अधिकांश बाढ़ प्रभावित इलाकों में रातभर बारिश नहीं होने से जलस्तर घटने लगा है। हालांकि राज्य के छह जिलों में अब भी 6.54 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, इस वर्ष बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, ऊपरी असम के चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जैसे जिलों में पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो दिन के दौरान हालात और बेहतर हो सकते हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी।

प्राधिकरण की मध्यरात्रि रिपोर्ट के मुताबिक, चराइदेव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 2.90 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चराइदेव में लगभग 1.90 लाख और जोरहाट में 1.30 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से चार और लोगों की मौत दर्ज की गई। इनमें शिवसागर में तीन और चराइदेव में एक व्यक्ति की जान गई। इसके साथ ही इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम सरकार को बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। वहीं केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत शिविरों की व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य में हालात पहले की तुलना में बेहतर हुए हैं और प्रशासन अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में सफल रहा है। उन्होंने बताया कि ऊपरी असम में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की टीम भी राज्य पहुंच चुकी है।

ASDMA के अनुसार, वर्तमान में 274 राहत शिविर एवं राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 18,902 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रभावित लोगों के बीच 1,668.68 क्विंटल चावल, 286.99 क्विंटल दाल, 83.75 क्विंटल नमक और 7,995.01 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया। प्राधिकरण के अनुसार, राज्य के 810 गांव अब भी जलमग्न हैं, जबकि 34,970.8 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। इसके अलावा कई जिलों में तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

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