बाराबंकी CHC पर CMO का औचक निरीक्षण, गंदगी पर सख्त नाराजगी; 15 दिन में सुधार नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
रामसनेहीघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती का आश्वासन भी दिया।
रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार: बाराबंकी के रामसनेहीघाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे औचक निरीक्षण किया। सीएमओ के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. अनूप सैनी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिले।
सीएमओ ने निरीक्षण की शुरुआत इमरजेंसी वार्ड से की, जहां डॉ. अनूप सैनी मरीजों का उपचार कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती दो सर्पदंश पीड़ितों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने लेबर रूम, महिला वार्ड, पुरुष वार्ड सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर गंदगी मिलने पर डॉ. रंजन गौतम ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल परिसर हमेशा स्वच्छ, व्यवस्थित और मरीजों के अनुकूल होना चाहिए, ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ स्वच्छ वातावरण भी मिल सके।
अस्पताल परिसर में जर्जर भवनों और टूटी हुई बाउंड्री का संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को सभी जर्जर भवनों के पुनरुद्धार के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। वहीं अस्पताल में पुराने एक्स-रे सिस्टम की जानकारी मिलने पर उन्होंने डिजिटल एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने तथा रेडियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
अस्पताल परिसर के खुले और हरित वातावरण की सराहना करते हुए डॉ. गौतम ने पूरे परिसर में कम से कम 100 पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी चिकित्सक या कर्मचारी द्वारा मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखे जाने की शिकायत सही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के अंत में सीएमओ ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि निरीक्षण में पाई गई सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर वह कभी भी दोबारा औचक निरीक्षण कर सकते हैं। यदि तब भी व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं मिला तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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