राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से मांगा 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र', बोले- दानदाताओं का भरोसा लौटाना जरूरी
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के बीच आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से एक नई व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के बीच आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से एक नई व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र' जारी करना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को यह भरोसा मिल सके कि उनके द्वारा दिया गया दान सुरक्षित है और उसका उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया गया है।
क्या होगा 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र'?
अमिताभ ठाकुर ने बताया कि यह ऐसा प्रमाणपत्र होगा, जिसमें ट्रस्ट यह प्रमाणित करेगा कि दानदाताओं से प्राप्त नकदी और अन्य कीमती वस्तुओं का पारदर्शी तरीके से प्रबंधन किया गया है तथा उनका उपयोग उसी उद्देश्य के लिए हुआ है, जिसके लिए श्रद्धालुओं ने दान दिया था। उनका कहना है कि इससे मंदिर में दान करने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
ट्रस्ट से स्वतंत्र ऑडिट कराने की भी मांग
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने 13 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और महासचिव को पत्र लिखकर मांग की थी कि 5 फरवरी 2020 से अब तक प्राप्त सभी नकद दान और कीमती वस्तुओं का स्वतंत्र एवं पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) सत्यापन कराया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट 15 दिनों के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा कर उसका संक्षिप्त निष्कर्ष सार्वजनिक करे, जिससे दानदाताओं का भरोसा कायम रहे।
'सीईओ बनाया गया तो लागू करूंगा व्यवस्था'
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि यदि भविष्य में उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जाता है, तो वे 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र' की व्यवस्था को लागू करेंगे।
चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच फिलहाल विशेष जांच दल (एसआईटी) और पुलिस कर रही है। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनसे पूछताछ जारी है।
2021 में हुई थी अनिवार्य सेवानिवृत्ति
अमिताभ ठाकुर वर्ष 1992 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मार्च 2021 में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया था। मंत्रालय ने उस समय कई विभागीय जांचों और अनुशासनात्मक मामलों का हवाला देते हुए कहा था कि उन्हें सेवा में बनाए रखना जनहित में उचित नहीं है।
खबर सोर्स : एजेंसी
