मुंबई के शिवाजी पार्क में छात्रों का जनसैलाब: NEET मुद्दे पर तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे हजारों युवा
मुंबई, अमृत विचार। NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में रविवार को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क (शिवतीर्थ) में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और नागरिक जुटे। हाथों में तिरंगा लिए हजारों लोगों ने राष्ट्रगान गाया और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग उठाई। आयोजन के दौरान पूरा शिवाजी पार्क देशभक्ति के नारों और तिरंगों से नजर आया।
नेताओं ने जताया समर्थन
आयोजन से पहले शिवसेना नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने युवाओं से अपील की थी कि वे किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं, बल्कि केवल तिरंगा लेकर कार्यक्रम में शामिल हों। उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में युवा शिवाजी पार्क पहुंचे। कार्यक्रम में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे भी शामिल हुए। दोनों नेताओं के पहुंचने पर मौजूद लोगों ने तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत किया।
प्रदर्शन में शिवसेना सांसद संजय राऊत, अनिल देसाई, विधायक अनिल परब, अंबादास दानवे, प्रियंका चतुर्वेदी, साईनाथ दुर्गे, महेश सावंत, वरुण सरदेसाई, मुंबई युवा कांग्रेस की अध्यक्षा जीनत शबरीन सहित कई राजनीतिक नेता मौजूद रहे। अभिनेता मकरंद देशपांडे और अतुल कुलकर्णी ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया।
आंदोलन का अगला पड़ाव
मुंबई में आयोजित इस तिरंगा मार्च के दौरान छात्र नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग दोहराई। कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने कहा कि छात्रों की एकजुटता ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया और लगातार बने जनदबाव का असर देखने को मिला।
इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन भी समाप्त कर दिया गया। आंदोलन से जुड़े छात्र नेताओं ने इसे अपने संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह छात्रों की एकजुटता और लंबे आंदोलन का परिणाम है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग आगे भी जारी रहेगी।
नेताओं ने रखी अपनी बात
कार्यक्रम के दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया गया और देशभर के छात्रों ने मिलकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाई। उन्होंने दिल्ली में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके से भी फोन पर बातचीत की। इस दौरान आंदोलन की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे ने कहा कि युवाओं की आवाज अब पूरे देश में गूंज रही है और छात्रों की एकजुटता ने यह साबित कर दिया कि लोकतांत्रिक आंदोलन बदलाव की ताकत रखता है। वहीं शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाने चाहिए।
आगे की तैयारी
आयोजकों का कहना है कि जंतर-मंतर का धरना समाप्त होने के बावजूद छात्र संगठनों की नजर अब सरकार की ओर से होने वाले अगले फैसलों पर रहेगी। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर छात्र संगठन आगे भी सक्रिय रहेंगे। वहीं मुंबई में आयोजित तिरंगा मार्च को आंदोलन के समर्थन में आयोजित सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक बताया गया, जिसमें हजारों छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों ने भागीदारी की।
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