अयोध्या : चंपत राय ने शुरू की चातुर्मास साधना, रोज छह घंटे रखेंगे मौन व्रत
अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव के पद से इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने शनिवार को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास साधना प्रारंभ की है। वह तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भवन में ही रहकर चार माह तक इस साधना को पूर्ण करेंगे। इस दौरान वह प्रतिदिन छह घंटे मौन व्रत रखकर श्रीराम चरित मानस पाठ और श्रीराम मंत्र का जप करेंगे।
यह चातुर्मास देवशयनी एकादशी 25 जुलाई से प्रारंभ होकर 21 नवंबर देवोत्थान एकादशी तक चलेगा। इस साधना के दौरान वह अयोध्या नहीं छोड़ेंगे। वह रामलला की शरण में रहकर मंत्र जाप, रामचरितमानस का नियमित पाठ, तपस्या और सात्विक जीवनचर्या का पालन करेंगे। बताते चलें कि चंपत राय सात जून से ही राम मंदिर परिसर से सटे रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में एकांतवास में रह रहे हैं। बताया जाता है कि वह प्रतिदिन करीब चार घंटे साधना करते हैं। सुबह राम मंत्र का जाप और रामचरित मानस का पाठ करते हैं, जबकि शाम के समय सीमित लोगों से ही मुलाकात करते रहे है।
जानिए, क्या कहती है धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार चातुर्मास में रहकर जप, तप, दान, व्रत और भगवान की आराधना करने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे व्यक्ति अपने दोषों का परिमार्जन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का प्रयास करता है। चंपत राय का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर के चर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर उन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और मामले की जांच विशेष जांच दल व पुलिस कर रही है। वहीं, उनके अयोध्या में चातुर्मास करने के ऐलान से तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।
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