CWG 2026 में सचिन का धमाका! बॉक्सिंग में 6 गोल्ड मेडल जीतकर भारत ने रचा इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स का 10 वां दिन यानी की शनिवार का दिन भारत लिए खास रहा। यहां के खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया। शनिवार को बॉक्सिंग रिंग में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखने को मिला। महज कुछ मिनटों के भीतर दो भारतीय महिला बॉक्सर ने गोल्ड जीतकर 1 अगस्त के दिन को खास बना दिया।
ग्लासगो : कॉमनवेल्थ गेम्स का 10 वां दिन यानी की शनिवार का दिन भारत लिए खास रहा। यहां के खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया। शनिवार को बॉक्सिंग रिंग में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखने को मिला। महज कुछ मिनटों के भीतर दो भारतीय महिला बॉक्सर ने गोल्ड जीतकर 1 अगस्त के दिन को खास बना दिया।
भारत के सचिन सिवाच ने आखिरी राउंड में ज़बरदस्त वापसी करते हुए नामीबिया के ट्राइअगेन मॉर्निंग न्डेवेलो को 3-2 के स्प्लिट फ़ैसले से हराया और पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। आखिरी राउंड से पहले पीछे चल रहे भारतीय बॉक्सर ने मुक़ाबले में बढ़त बनाई और ग्लासगो 2026 में भारत के छठे बॉक्सिंग गोल्ड मेडलिस्ट बने।
इससे पहले अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इंग्लैंड की चैंटेल रीड (जो 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप, लिवरपूल की ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट थीं) को शनिवार को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं अरुंधति से पहले शनिवार को प्रीति पवार, जैस्मिन लैंबोरिया, साक्षी चौधरी और प्रिया घनघस की जीत के बाद, उनकी इस जीत ने बॉक्सिंग रिंग में भारत के लिए पांचवां गोल्ड मेडल पक्का कर दिया। भारतीय बॉक्सिंग ने अब कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और तीन गोल्ड मेडल के रिकॉर्ड को कहीं पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ 2026 का इवेंट नई दिल्ली 2010, गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 से आगे निकलकर भारत का सबसे सफल बॉक्सिंग कैंपेन बन गया है।
भारतीय पैरा टीम का राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, रिकॉर्ड पदक जीते
भारतीय पैरा खेलों के खिलाड़ियों ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में इतिहास रचते हुए पिछले सभी संस्करणों के कुल पदकों के बराबर पदक जीते और शनिवार को आखिरी दिन मिले एक स्वर्ण और एक रजत समेत कुल सात पदक अपने नाम किये। भारत के 28 सदस्यीय पैरा दल ने तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते।
भारतीय खिलाड़ी ट्रैक साइकिलिंग और पैरा ट्रैक साइकिलिंग स्पर्धा में भाग लेंगे। भारत का राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा स्पर्धा में यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मैनचेस्टर में 2002 राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा खेलों का पदार्पण हुआ था और तब से आज तक भारत ने इन खेलों में एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीते थे ।
ग्लास्गो से पहले बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत के लिये भाविना पटेल ने पैरा टेबल टेनिस में स्वर्ण और सोनलबेन पटेल ने कांस्य पदक जीते थे। बर्मिंघम में सुधीर ने पैरा पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण जीता था लेकिन प्रतिस्पर्धा के भीतर डोप टेस्ट में नाकाम रहने के बाद उनसे वह छीन लिया गया। ग्लास्गो में पैरा ट्रैक और फील्ड में तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक मिला जबकि झंडु कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता ।
पैरा एथलेटिक्स में पिछली बार भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में पदक 2006 में मिला था जब रंजीत कुमार जयासीलन पुरूषों के चक्का फेंक में पोडियम पर रहे थे। ग्लास्गो में पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला (स्वर्ण) और शिल्पा शायला (कांस्य ) ने महिलाओं के शॉटपुट एफ 57 में, दिलीप गावित (स्वर्ण) और मोहम्मद बासिल (रजत) ने पुरूषों की सौ मीटर टी47 में और सोमन राणा (स्वर्ण) और शुभम जुयाल (रजत) ने पुरूषों की शॉटपुट एफ 57 में पदक जीते। भारतीयों ने राष्ट्रमंडल खेलों का एक रिकॉर्ड और एक एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया।
