पेपर लीक बिल पर लोकसभा में राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा आरोप, सदन में जमकर हंगामा, BJP बोली- सबूत दिखाओ... वरना मांगो माफी
राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन और कथित फायरिंग का मुद्दा उठाया, किरेन रिजिजू ने आरोपों पर सबूत मांगा और माफी की मांग की
नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 यानी की पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला। जहां सबसे ज्यादा हंगामा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर देखने को मिला जहां उन्होंने सरकार पर कई आरोप लगाए और छात्रों के हालिया प्रदर्शनों का मुद्दा भी उठाया।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरे थे और सरकार से नाराज थे। अपने भाषण के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान फायरिंग और पैलेट गन चलाने की अनुमति गृह मंत्री की ओर से दी गई थी। इस बयान के बाद लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
राहुल के बयान पर सत्ता पक्ष का जोरदार विरोध
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोप बिना किसी आधार के नहीं लगाए जा सकते।
रिजिजू ने राहुल गांधी से पूछा कि उनके पास इस आरोप का क्या सबूत है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई आदेश है तो उसे सदन में पेश किया जाए। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयान पर माफी मांगने की भी मांग की।
अखिलेश यादव ने उठाया सवाल
हंगामे के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाया है, तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों पर हुई कथित फायरिंग का आदेश किसने दिया था।
इस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने सीधे गृह मंत्री पर आरोप लगाया है और बिना प्रमाण ऐसे बयान देना उचित नहीं है।
स्पीकर ने दी चेतावनी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर सीधे आरोप लगाने के बजाय जांच की मांग की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री को लेकर कही गई कुछ टिप्पणियां सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनेंगी।
इससे पहले राहुल गांधी के भाषण में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों पर भी विवाद हुआ था, जिन्हें बाद में लोकसभा की कार्यवाही से हटाने का निर्णय लिया गया।
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