NEET UG 2026 Paper Leak : CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा, NTA के अंदर से ऐसे लीक हुआ प्रश्नपत्र, CCTV और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
गोपनीय अनुभाग में तलाशी और CCTV निगरानी की गंभीर खामियां आईं सामने
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। NTA के तीन विषय विशेषज्ञों पर प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप, CCTV और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां भी सामने आईं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के गोपनीय अनुभाग में कार्यरत तीन विषय विशेषज्ञों ने अलग-अलग तरीकों से परीक्षा का प्रश्नपत्र बाहर निकाला। सीबीआई का दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों के कारण यह संभव हो सका।
बिना तलाशी के बाहर निकलते थे विशेषज्ञ
चार्जशीट के अनुसार, एनटीए के गोपनीय अनुभाग में प्रवेश और निकास के दौरान विषय विशेषज्ञों की तलाशी लेने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसी खामी का फायदा उठाकर एक आरोपी ने प्रश्नों को कागज की पर्चियों पर लिखकर छिपा लिया, जबकि दो अन्य विशेषज्ञों ने प्रश्नों को याद कर अपने होटल के कमरों में पहुंचने के बाद उन्हें लिख लिया या फिर संबंधित अध्यायों को एनसीईआरटी की किताबों में मार्क कर दिया।
CCTV निगरानी भी रही नाकाम
सीबीआई ने बताया कि एनटीए कार्यालय के गोपनीय अनुभाग में डेडिकेटेड CCTV लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम नहीं था। जांच में सामने आया कि कार्यालय की पहली मंजिल, जहां गोपनीय अनुभाग संचालित होता है, वहां विशेषज्ञों की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी नहीं रखी जा रही थी।
इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज का बैकअप भी केवल 20 से 25 दिन तक ही सुरक्षित रखा जाता था। जबकि नीट यूजी-2026 से जुड़ा गोपनीय कार्य 7 अप्रैल 2026 को पूरा हो गया था और मामला 12 मई 2026 को दर्ज हुआ। इस कारण जांच के दौरान संबंधित अवधि का कोई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं मिला।
ऐसे तैयार किए गए लीक प्रश्न
सीबीआई के अनुसार, आरोपी मनीषा संजय हवलदार कार्यालय से लौटने के बाद अपने घर पर प्रश्नों को संक्षेप में लिखती थी। वहीं आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने गोपनीय अनुभाग में उपलब्ध कराई गई रफ शीट का इस्तेमाल करते हुए केमिस्ट्री के सभी 135 प्रश्न और उनके विकल्प नोट कर लिए। जांच में यह भी सामने आया कि बायोलॉजी (बॉटनी और जूलॉजी) से जुड़े दस्तावेज 20 और 21 अप्रैल 2026 को नोट्स की फोटोकॉपी के आधार पर टाइप किए गए और कई आरोपियों के माध्यम से आगे पहुंचाए गए।
व्हाट्सएप पर भेजे गए फिजिक्स के प्रश्न
चार्जशीट के मुताबिक, फिजिक्स के लीक प्रश्नों से जुड़े दो दस्तावेज मिले हैं। इनमें से एक कथित तौर पर मनीषा संजय हवलदार की हैंडराइटिंग में है, जिसमें 9 पन्नों में 68 प्रश्न दर्ज हैं। सीबीआई का दावा है कि यह दस्तावेज 25 अप्रैल 2026 को सह-आरोपी मनीषा मंधारे को व्हाट्सएप के जरिए भेजा गया था। इससे पहले 14 अप्रैल को यही प्रश्न आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी उपलब्ध कराए गए थे।
केमिस्ट्री पेपर भी हुआ लीक
सीबीआई ने बताया कि केमिस्ट्री से जुड़े लीक दस्तावेज साक्षी धूमल की हैंडराइटिंग में मिले हैं। वह उन अभ्यर्थियों में शामिल थी, जिन्होंने पुणे में आरोपी पी.वी. कुलकर्णी के घर पर क्लास अटेंड की थी। जांच के अनुसार, यह सामग्री आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अपने बेटे आदित्य के जरिए हासिल की थी।
देशभर में छापेमारी, 42 डिवाइस जब्त
जांच एजेंसी ने राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान लीक हुए प्रश्नों की हार्ड कॉपी, डिजिटल दस्तावेज और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए। सीबीआई ने 42 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं और तीन आरोपियों के वॉयस सैंपल भी एकत्र किए हैं।
मुख्य बिंदु
- NTA के तीन विषय विशेषज्ञों पर पेपर लीक का आरोप।
- गोपनीय अनुभाग से निकलते समय तलाशी की व्यवस्था नहीं थी।
- CCTV लाइव मॉनिटरिंग और पर्याप्त बैकअप का अभाव।
- केमिस्ट्री के 135 प्रश्न रफ शीट पर नोट किए गए।
- फिजिक्स के 68 प्रश्न व्हाट्सएप के जरिए साझा किए गए।
- 8 राज्यों में छापेमारी, 42 डिजिटल डिवाइस जब्त।
- CBI ने चार्जशीट में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों का उल्लेख किया।
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