Bareilly News : बरेली में एक लाख रुपये से ज्यादा के कर्जदार किसानों की जमीन कुर्क करने की तैयारी 

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Edited By Ateeq Khan
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229 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए बड़ी कार्रवाई की तैयारी में सहकारिता विभाग

बरेली में 24,294 किसानों पर सहकारिता विभाग का 229 करोड़ रुपये से अधिक का लोन बकाया है। करीब दो वर्ष पहले किसानों ने पैक्स समितियों, भूमि विकास बैंक और विविधीकरण योजनाओं के माध्यम से खाद-बीज खरीदने, भूमि सुधार, सिंचाई व्यवस्था, कृषि यंत्र खरीदने, पशुपालन और आधुनिक खेती जैसी गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध लिया था। 

अमृत विचार : बरेली में कर्जदार किसानों पर बड़ी कार्रवाई की हलचल होने लगी है। किसानों पर सहकारिता विभाग का 229 करोड़ का ऋण है। उसे चुकता न करने वाले करीब 4 हजार किसानों की जमीन कुर्क करने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 


बरेली में 24,294 किसानों पर सहकारिता विभाग का 229 करोड़ रुपये से अधिक का लोन बकाया है। करीब दो वर्ष पहले किसानों ने पैक्स समितियों, भूमि विकास बैंक और विविधीकरण योजनाओं के माध्यम से खाद-बीज खरीदने, भूमि सुधार, सिंचाई व्यवस्था, कृषि यंत्र खरीदने, पशुपालन और आधुनिक खेती जैसी गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध लिया था। 

लेकिन अब तक उसकी अदायगी की कोशिश नहीं की।इस पर विभाग ने वसूली के लिए आरसी जारी कर दी। कई बार नोटिस भी भेजे, लेकिन अधिकांश किसानों ने कर्ज चुकाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। 

आंकड़े बताते हैं कि पैक्स का 17,123 किसानों पर 46.13 करोड़ बकाया है। इसी तरह एलडीबी का 7,013 किसानों पर 179.22 करोड़ और विविधीकरण योजना के 160 किसानों पर 3.99 करोड़ रुपये का लोन बकाया हैं। एआर कोऑपरेटिव ब्रजेश सिंह परिहार ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले बकायेदारों की संपत्ति कुर्क की जाएगी।


किसानों का बड़ा मददगार सहकारिता विभाग 


एआर कोआपरेटिव बताते हैं कि सहकारिता विभाग किसानों को पैक्स, भूमि विकास बैंक और विविधीकरण योजनाओं के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराता है। इस धनराशि का उपयोग खाद-बीज खरीदने, कृषि यंत्र लेने, भूमि सुधार, सिंचाई सुविधाएं विकसित करने, पशुपालन और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने में किया जाता है।

समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को भविष्य में फिर से आसानी से ऋण मिल जाता है, लेकिन लगातार बकाया रहने से नई ऋण सुविधा प्रभावित होती है। उन्होंने बकायेदार किसानों से आह्वान किया है कि वह इसे चुकता करें। ताकि आगे की कार्रवाई से बच सकें। 

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