बैराजों से बढ़ा पानी का दबाव: यूपी में कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी और बाढ़ चौकियां सक्रिय

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश में बाढ़ का अलर्ट बढ़ गया है। प्रशासन ने 24 घंटे जलस्तर की निगरानी के साथ संवेदनशील जिलों में बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं।

लखनऊ/बिजनौर/बाराबंकी, अमृत विचार। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और प्रमुख बैराजों से नदियों में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद प्रदेश के कई जिलों में जलस्तर बढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं।

बिजनौर में हरिद्वार बैराज से गंगा में 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने निगरानी और राहत व्यवस्था तेज कर दी है। वहीं बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने के बावजूद पूर्व में कराए गए तट संरक्षण कार्यों से संवेदनशील गांवों और तटबंधों को कटान से सुरक्षा मिली है। प्रशासन के अनुसार आबादी क्षेत्र सुरक्षित है और जनजीवन सामान्य बना हुआ है।

हर दो घंटे में मॉनिटरिंग, 32 बाढ़ चौकियां सक्रिय

बिजनौर में जिला कंट्रोल रूम सक्रिय है। मौसम विभाग से चेतावनी मिलने पर हर दो घंटे में एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, ईओ, तटीय ग्राम प्रधानों और आपदा मित्रों को मौसम एवं बाढ़ संबंधी अपडेट दिया जा रहा है। जिले में 24 संवेदनशील और पांच अति संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। गंगा और खोह नदी पर गेज लगाकर 24 घंटे जलस्तर की निगरानी की जा रही है। चांदपुर तहसील के प्रभावित संपर्क मार्गों पर नावें तैनात की गई हैं। चार राहत चौकियों पर राजस्व कर्मियों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। जिले में कुल 32 बाढ़ चौकियां और 35 आश्रय स्थल सक्रिय हैं। प्रभावित 11 गांवों में करीब 300 राशन किट वितरित की जा चुकी हैं।

तट संरक्षण कार्यों से बाराबंकी में कटान पर नियंत्रण

बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और अधिकतम डिस्चार्ज 4.35 लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया है। इसके बावजूद पूर्व में कटान प्रभावित रहे कई गांव सुरक्षित हैं। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह के अनुसार संवेदनशील स्थलों पर जियोबैग स्टड, परक्यूपाइन, स्पर और रिवेटमेंट जैसे कार्य कराए गए थे। इनसे नदी की मुख्य धारा का रुख बदलने में मदद मिली और कटान का असर न्यूनतम रहा। जिले में बाढ़ की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई गई है।

गोरखपुर के 17 वार्डों को जलभराव से दी राहत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से साकार 495 करोड़ रुपये की गोड़धोइया नाला परियोजना से इस वर्ष महानगर के उत्तरी हिस्से के 17 वार्डों में जलभराव की समस्या दूर होने का दावा किया गया है। बारिश के दौरान इन वार्डों का पानी गोड़धोइया नाले के जरिए आरकेबीके मोहद्दीपुर के पास रामगढ़ताल में पहुंचा। जल निगम (शहरी) के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार के अनुसार 9.50 किलोमीटर लंबे और 10 मीटर चौड़े गोड़धोइया नाले को पक्का बनाया गया है।

नाव, गोताखोर और राहत सामग्री तैयार

बिजनौर में नावों, नाविकों और गोताखोरों का चिन्हीकरण पूरा किया जा चुका है। तहसीलवार बाढ़ सुरक्षा उपकरण वितरित किए गए हैं और राहत सामग्री का बफर स्टॉक रखा गया है। सुरक्षा के लिए फ्लड पीएसी भी तैनात की गई है। प्रशासन ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों को भी बाढ़ से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर रहा है।

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