बाराबंकी : घेराव का ऐलान, फिर अचानक वृक्षारोपण, बैकफुट पर किसान नेता
देवा , बाराबंकी, अमृत विचार : 8 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में किसान यूनियन के कई गुटों के नेताओं ने 26 अगस्त को देवा कोतवाली के घेराव का ऐलान किया था। वीडियो में देवा कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी पर आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कही गई थी। इसके बाद से 26 अगस्त के घेराव को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं थीं।
लेकिन बुधवार को तय तारीख पर नजारा पूरी तरह बदल गया। कोतवाली का घेराव करने के बजाय भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के कार्यकर्ताओं ने कोतवाल की मौजूदगी में थाना परिसर में वृक्षारोपण किया। घेराव की बात करने वाले कुछ किसान नेता पुलिस के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए। अचानक बदले इस रुख ने किसान नेताओं की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के ब्लॉक अध्यक्ष देवा रईस अहमद ने बताया कि हमारे संगठन की ओर से थाना परिसर में वृक्षारोपण का कार्यक्रम पहले से प्रस्तावित था।
उन्होंने कहा कि घेराव का ऐलान करने वाले किसान संगठनों के नेताओं की पुलिस से पूर्व में वार्ता हुई थी जो सफल होना बताई जा रही है हालांकि सवाल यह है कि यदि वार्ता सफल हो गई थी तो इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? जिस तरह घेराव का ऐलान सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए किया गया, उसी तरह वार्ता सफल होने की सूचना भी किसान संगठनों को जनता के सामने रखनी चाहिए थी घेराव का ऐलान करने के बाद अचानक पीछे हटने और बिना किसी सार्वजनिक स्पष्टीकरण के वृक्षारोपण कार्यक्रम में पहुंचने से किसान नेताओं की रणनीति और नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं।
जिस थाने के घेराव की तैयारी का दावा किया गया था, उसी थाना परिसर में पुलिस के साथ वृक्षारोपण और सेल्फी की तस्वीरें अब पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
