Gonda News : भगवा पहनने से कोई संत नहीं बन जाता- शंकराचार्य का योगी सरकार पर तीखा प्रहार, दोहराई 'कालनेमि' टिप्पणी

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Published By Deepak Mishra
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गोंडा दौरे पर भाजपा को वोट न देने का दिलाया संकल्प; राम मंदिर ट्रस्ट और गौ संरक्षण को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को गोंडा के मेहनौन विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए पहले इस्तेमाल किए गए 'कालनेमि' शब्द को दोहराते हुए कहा कि जो व्यक्ति बाहर से संत और योगी का स्वरूप धारण करे, लेकिन उसके कार्य और आचरण उससे भिन्न हों, उसे 'कालनेमि' कहा जाएगा।

गोंडा, अमृत विचार: जिले के मेहनौन विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर बुधवार को पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए पहले इस्तेमाल किए गए 'कालनेमि' शब्द को दोहराते हुए कहा कि जो व्यक्ति बाहर से संत और योगी का स्वरूप धारण करे, लेकिन उसके कार्य और आचरण उससे भिन्न हों, उसे कालनेमि ही कहा जाएगा।

धानेपुर स्थित एक निजी इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय को राज्य माता का दर्जा देने की मांग की। शंकराचार्य ने लोगों को संकल्प भी दिलाया कि यदि भाजपा सरकार गाय को राज्यमाता का दर्जा नहीं देती तो वह भाजपा को वोट न करें। कार्यक्रम में सपा नेता राहुल शुक्ला व नित्यानंद शुक्ला ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का स्वागत किया। 

गौ संरक्षण और राम मंदिर ट्रस्ट पर भी उठाए सवाल

वहीं पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री गाय को माता बताते हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी सरकार में बड़े पैमाने पर गौहत्या, मांस बिक्री और तस्करी की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण के प्रति गंभीर है तो ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए। शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवादों में कुछ लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में ऐसे लोगों को स्थान दिया गया, जिन्होंने कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं को बढ़ावा दिया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई दस्तावेजी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया। बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा अयोध्या प्रकरण पर खुलकर प्रतिक्रिया न देने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि कई लोग इस विषय पर बोलने से बच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण में बड़े लोगों की भूमिका होने की आशंका के कारण लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।

अखिलेश यादव और बृजेश पाठक के सवाल पर भी दिया जवाब

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ पुराने विवाद पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में शंकराचार्य ने कहा कि वह संत हैं और यदि किसी ने अपनी भूल स्वीकार कर क्षमा मांग ली है तथा धार्मिक अभियानों में सहयोग दे रहा है, तो वह केवल धर्म के दृष्टिकोण से ही उसे देखते हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पाठक ने उन्हें नहीं, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही 'कालनेमि' कहा है‌। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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