Bihar EOU Raid: यूपी बॉर्डर से सटे सीवान में EOU का बड़ा एक्शन, उत्पाद निरीक्षक पर 201.97% अधिक संपत्ति का आरोप, 5 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
बिहार-यूपी सीमा से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की भी जांच के संकेत, 2.36 करोड़ रुपये से अधिक की कथित आय से अधिक संपत्ति का मामला, बैंक खाते और निवेश खंगाल रही आर्थिक अपराध इकाई
लखनऊ/डिजिटल डेस्कः बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे सीवान जिले में तैनात उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ ईओयू ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास उनकी ज्ञात आय की तुलना में 201.97 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर उनकी संपत्ति उनकी वैध आय से 2 करोड़ 36 लाख 31 हजार रुपये अधिक है।
सीवान उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ जिला है। ऐसे में आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां संबंधित अधिकारियों के वित्तीय लेनदेन, संपत्ति, निवेश और अन्य राज्यों से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल करती हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक ईओयू की ओर से उत्तर प्रदेश में किसी संपत्ति या निवेश को लेकर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
आर्थिक अपराध इकाई ने उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके बाद पटना स्थित विशेष न्यायालय (निगरानी) से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया। न्यायालय की अनुमति के बाद पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारियों की निगरानी में पांच अलग-अलग टीमों का गठन किया गया और एक साथ कार्रवाई शुरू की गई। तलाशी अभियान बुधवार से शुरू हुआ और गुरुवार सुबह तक जारी रहा।
पांच ठिकानों पर एक साथ EOU की दबिश (इओयू की प्रेस नोट का फोटो लगाएं)
पटना के दानापुर स्थित आवास
मुंगेर के चंदनबाग स्थित पैतृक घर
मुंगेर के लल्लूपोखर स्थित व्यावसायिक भवन
सीवान स्थित उत्पाद विभाग का कार्यालय कक्ष
चित्रगुप्त नगर स्थित किराये का आवास
3.png)
दस्तावेज, बैंक खाते और निवेश के दस्तावेज मिले
ईओयू की टीम सीवान स्थित उत्पाद विभाग के कार्यालय और बैरक परिसर में दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य रिकॉर्ड जब्त कर उनकी जांच कर रही है। इसके अलावा बैंक खातों, निवेश, चल-अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रूप से अर्जित संपत्ति किन माध्यमों से बनाई गई और इसके पीछे कौन-कौन से वित्तीय लेनदेन जुड़े हैं। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी और जांच की प्रक्रिया अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
ADG डॉ अमित कुमार जैन की निगरानी में भ्रष्टाचारियों पर लगातार शिकंजा
बिहार में आर्थिक अपराधों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई तेज कर दी है। आय से अधिक संपत्ति, भ्रष्टाचार और अवैध वित्तीय गतिविधियों से जुड़े मामलों मेंआने वाली शिकायतों के सत्यापन आदि पर एडीजी डॉ अमित कुमार जैन स्वयं नजर रख रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार EOU का फोकस सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई करने पर है। हाल ही में एडीजी डॉ जैन के निर्देशन में राज्य के कई नौकरशाहों के कार्रवाई कर उन्होंने संकेत दिए है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह भी पढ़ेंः UP Vigilance Raid: 22 किलो सोना-चांदी... 1.62 करोड़ नकद, जानें निरीक्षक से ARTO बने ललित कुमार की पूरी कहानी
