Kanpur CSJMU News: सीएसजेएमयू में छात्राओं का दबदबा, 82% मेडल पर किया कब्जा; 92 शोधार्थियों को मिली PhD उपाधि
कानपुर, अमृत विचार। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह गुरुवार को आयोजित हुआ। दीक्षांत समारोह में 82 फीसदी छात्राओं ने मेडलों पर कब्जा किया। पीएचडी में 92 मेधावियों में से 50 छात्राएं शामिल रही। इस दौरान राज्यपाल ने छात्राओं को सशक्त बनने की सीख दी। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के चेयरमैन एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह मौजूद रहे।
विशिष्ट अतिथियों में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी शामिल हुई। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में 96 पदक प्रदान किए गए, जिनमें से कुल 51 मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक मिले। इन 51 विद्यार्थियों में 42 छात्राएं और केवल 9 छात्र शामिल रहे। पदक प्राप्त करने में बेटियों का प्रतिशत 82.35 फीसदी रहा। राज्यपाल ने 25 मुख्य मेधावियों को मंच पर मेडल प्रदान किए।
इसके अलावा 92 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई, जिनमें 50 महिला और 42 पुरुष विद्यार्थी शामिल रहे।समारोह में इस बार 1,07,713 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। उधर समारोह में कच्छ चर्म शिल्प के विशिष्ट शिल्पाचार्य व उद्यमी अंचल पी. बिजलानी को कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डीलिट्) की मानद उपाधि प्रदान किया गया। समारोह के दौरान शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए विश्वविद्यालय की उपाधि पंजिका पर डिजिटल हस्ताक्षर कर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की उपाधियां, अंकतालिकाएँ डिजीलॉकर पर ऑनलाइन माध्यम (बटन दबाकर) द्वारा अपलोड किया गया।

सौ फीसदी लाभ उठाएं
दीक्षांत समारोह के दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में कैंपस में छात्रों की संख्या में 131.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही, एनआईआरएफ, क्यूएस एशिया रैंकिंग और ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में मिली राष्ट्रीय व वैश्विक पहचान संस्थान की मेहनत का नतीजा है। राज्यपाल ने सभी छात्रों से डिग्रियों के ऑनलाइन डिज़िलॉकर अपलोड का शत-प्रतिशत लाभ उठाने और उन्हें अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने की सलाह दी। युवाओं से कहा कि जिस प्रकार हम कपड़ों को निचोड़कर पानी अलग करते हैं, ठीक उसी तरह समाज में जहाँ भी आप जाएं, अपने ज्ञान को देश सेवा में पूरी तरह निचोड़ दें।
खाली कमेरे लाइट जली हुई
समारोह के दौरान राज्यपाल की टीम की ओर से विश्वविद्यालय में सर्वे के दौरान सामने आई खामियां भी उजागर हुई। राज्यपाल ने कहा कि परिसर में ऊर्जा संरक्षण के लिए खाली कमरों के लाइट-पंखे बंद रखे जाएं और कैंपस व हॉस्टल्स में स्वच्छता, सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं का निरंतर निरीक्षण किया जाए। इसके अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय में स्वीमिंग पूल का उपयोग न होने पर भी जल्द इसे दुरुस्त करने की सीख दी।
ज्ञान किरदार से झलकता है
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति व एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो.योगेश कुमार सिंह ने कहा कि डिग्रियां तो केवल तालीम के खर्चों की रसीद हैं, असली ज्ञान तो वह है जो आपके किरदार से झलकता है। उन्होंने युवाओं को जीवन में दर्शक बनने के बजाय 'खिलाड़ी', 'कप्तान' या 'कोच' बनने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभाने के काबिल बनना चाहिए क्योंकि ईश्वर भी जिम्मेदारी उसी को देता है जो उसे निभाने में सक्षम होता है।
युवाओं की भूमिका अहम
समारोह में विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि आज छात्र जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे उनके माता-पिता का वर्षों का कठिन संघर्ष, उनकी इच्छाओं का दमन और अनगिनत बलिदान छिपे हैं। इसी तरह विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना करने और निरंतर परिश्रम करने का संदेश दिया। कहा कि जीवन के अगले अध्याय में उनके सामने कई चुनौतियां आएंगी, लेकिन उनसे हार मानने के बजाय उनमें रास्ता खोजना होगा।
समारोह के बारे में विभागाध्यक्ष डॉ दिवाकर अवस्थी ने बताया कि दीक्षांत समारोह में इस बार 1,07,713 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गई। जिनमें 57,348 छात्राएं (53.24 फीसदी) और 50,365 छात्र (46.75 फीसदी) शामिल हैं। परिसर स्तर पर भी 3208 विद्यार्थियों में से 1609 छात्राएं (50.15 फीसदी) और 1599 छात्र (49.84 फीसदी) हैं। संबद्ध महाविद्यालयों से पास आउट हुए 104413 छात्रों में से 55689 (53.34 फीसदी) छात्रायें और 48724 (46.67 फीसदी) छात्र हैं। दीक्षांत समारोह के तहत 51 छात्र-छात्राओं को 96 पदक दिये गए।
जिसमें से 42 (82.35 फीसदी) छात्राओं को तथा 9 (17.65 फीसदी) छात्रों को पदक दिये गए। 30 छात्र-छात्राओं को 33 कुलाधिपति पदक दिये गए, जिसमें 26 (86.66 फीसदी) छात्राओं को व 4 (13.33 फीसदी) छात्रों को, जबकि 11 छात्र-छात्राओं को कुलपति पदक दिये गए। जिसमें से 10 (90.90 फीसदी) छात्राओं को व 1 (9.10 फीसदी) छात्र को दिया गया। 33 छात्र-छात्राओं को 52 प्रायोजित पदक दिये गए, जिसमें से 28 (84.85 फीसदी) छात्राओं को व 5 छात्रों को (15.15 फीसदी) पदक दिये गए।
