Monsoon Live Updates: लखनऊ में मानसून का जोरदार आगाज... आधे शहर में जलभराव से आफत, तो खेतों में छाई रौनक
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, तेज हवाओं और जलभराव ने जनजीवन प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों में पूरे देश में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई है।
डिजिटल डेस्क। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और जलभराव ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, यातायात प्रभावित है और नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 2 से 3 दिनों में पूरे देश में मानसून के पहुंचने की संभावना जताते हुए कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देशभर में बारिश, बाढ़, मौसम अलर्ट और उससे जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए इस Monsoon Live Updates ब्लॉग से जुड़े....
लखनऊ की कुछ तस्वीरें
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फोटो- प्रमोद कुमार शर्मा, लखनऊ
लखनऊ में मानसून का जोरदार आगाज: आधे शहर में जलभराव से आफत, तो खेतों में छाई रौनक
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार दोपहर बाद मानसून ने अपनी धमाकेदार आमद दर्ज कराई। शहर के दक्षिणी इलाके यानी अमौसी और सरोजनी नगर क्षेत्र से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने देखते ही देखते पूरे नवाबों के शहर को अपनी आगोश में ले लिया। इस झमाझम बारिश ने जहाँ एक तरफ भीषण गर्मी से तड़प रहे लोगों को राहत दी, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के दावों की पोल खोलकर रख दी।
शहरी इलाकों का हाल: सड़कों पर समंदर, चौक और सदर में आफत
दोपहर से शुरू हुई तेज बरसात के चलते राजधानी के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे राहगीर और वाहन चालक बेहद परेशान नजर आए।
चौक (बान वाली गली): यहाँ ढलान होने की वजह से सड़कों का पानी तेजी से नीचे की तरफ बहा, लेकिन नालियां और नाले चोक (ब्लॉक) होने के कारण पानी रिहायशी गलियों और घरों में घुस गया।
सदर बाजार: सदर के आजाद मोहाल इलाके में तेज हवा और बारिश के दबाव के चलते एक विशालकाय पेड़ भरभराकर गिर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ।
ग्रामीण इलाकों में जश्न: किसानों के चेहरे खिले, धान की रोपाई शुरू
शहरी जनता जहाँ जलभराव की असुविधा से बेहाल दिखी, वहीं ग्रामीण इलाकों और अन्नदाताओं के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं साबित हुई। बारिश शुरू होते ही किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने खेतों का रुख कर तुरंत धान की रोपाई शुरू कर दी।
खरीफ फसलों की बंपर तैयारी: उत्तर प्रदेश में मानसून की इस एंट्री के साथ ही खरीफ फसलों की बुआई ने रफ्तार पकड़ ली है। सूबे में इस बार 4.60 लाख हेक्टेयर में धान की नर्सरी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 4.50 लाख हेक्टेयर का काम पूरा हो चुका है। कृषि विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा।
मौसम विभाग की चेतावनी: वीकेंड पर 25 से ज्यादा जिलों में 'रेड अलर्ट'
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते अगले 4 से 5 दिनों तक राज्यभर में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।
शनिवार और रविवार: प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में अत्यंत भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है।
तेज हवाओं का अलर्ट: लगभग 35 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं।
इस मानसूनी बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिलेगी।
वसुंधरा में अचानक धंसी मुख्य सड़क, गहरे गड्ढे में समाई कार और स्कूटी
गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर में हो रही मूसलाधार बारिश अब आम जनता के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। गाजियाबाद के पॉश इलाके वसुंधरा स्थित अटल चौक के पास आज सुबह एक बेहद खौफनाक मंजर देखने को मिला। यहाँ भारी बारिश के चलते मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक ताश के पत्तों की तरह धंस गया। सड़क धंसने से वहां एक विशाल और गहरा गड्ढा बन गया, जिसमें सड़क किनारे खड़ी एक कार और एक स्कूटी सीधे अंदर समा गईं।
गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय वाहनों के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
इलाके में जलभराव से बढ़ी मुश्किलें:
स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण वसुंधरा, इंदिरापुरम और वैशाली समेत गाजियाबाद के कई प्रमुख इलाकों की सड़कों पर कई फीट तक पानी भर गया है। पानी के भारी दबाव और लचर ड्रेनेज सिस्टम के कारण ही सड़क के नीचे की मिट्टी खिसक गई और यह हादसा हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। एहतियात के तौर पर अटल चौक के आसपास के रास्ते को बैरिकेडिंग करके बंद कर दिया गया है ताकि कोई और वाहन इसकी चपेट में न आए। क्रेन की मदद से गड्ढे में गिरे वाहनों को बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं।3.png)
यमुनोत्री नेशनल हाईवे के पास लैंडस्लाइड, 1000 यात्री फंसे
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थानीय स्यानाचट्टी के पास लैंडस्लाइड से यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे हैं। यात्रियों से जहां है वहीं पर रहने की अपील की। रास्ते में करीब 1000 यात्री फंस गए हैं।
बारिश बनी आफत, प्रयागराज की सड़कों पर भरा पानी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में लगातार हो रही बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन जलनिकासी की व्यवस्था में जुटा है।
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कोझिकोड रेलवे स्टेशन: ढहा सदी पुराना क्लॉक टावर, बाल-बाल बची यात्रियों की जान
कोझिकोड: केरल के व्यस्त कोझिकोड रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। यहाँ स्टेशन परिसर में स्थित लगभग 100 साल प्राचीन घंटाघर (क्लॉक टावर) इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर प्लेटफॉर्म नंबर-2 और रेलवे ट्रैक नंबर-3 पर आ गिरा।
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की अच्छी-खासी आवाजाही थी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, किस्मत अच्छी रही कि मलबे की चपेट में कोई भी यात्री या रेलकर्मी नहीं आया। रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में कोई भी हताहत या घायल नहीं हुआ है। फिलहाल ट्रैक से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
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वायनाड हादसा: सुरंग निर्माण स्थल पर मलबे से 3 और शव मिले, जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 6 हुई
केरल के वायनाड जिले में हुए दर्दनाक भूस्खलन में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर छह हो गई है। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों ने गुरुवार को मलबे से तीन और शवों को बाहर निकाला। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा में अभी भी दो लोग लापता हैं, जिनकी खोज के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है।
यह भीषण हादसा बीते 7 जुलाई को उस समय हुआ था, जब वायनाड और कोझिकोड जिलों के बीच संपर्क को बेहतर करने के लिए बनाई जा रही अनक्कम्पोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना के कंस्ट्रक्शन साइट पर अचानक पहाड़ का एक हिस्सा दरक गया।
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सहंश्रा नदी के उफान में बहे बाइक सवार, ग्रामीणों की मुस्तैदी से बची तीन जिंदगियां
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बेहट तहसील अंतर्गत जैतपुर गांव के समीप एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया है। यहाँ अचानक उफनी सहंश्रा नदी को पार करने की कोशिश कर रहे बाइक सवार पानी के प्रचंड वेग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते उनकी दो मोटरसाइकिलें तेज लहरों के साथ बह गईं और वे खुद भी डूबने लगे।
गनीमत यह रही कि इस खौफनाक मंजर को देखकर किनारे पर मौजूद स्थानीय ग्रामीण तुरंत हरकत में आ गए। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए सूझबूझ दिखाई और समय रहते पानी की तेज धारा में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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नई दिल्ली: नई दिल्ली के बुराड़ी इलाके में भारी बारिश के बाद सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिसमें एक गाड़ी फंस गई।
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मूसलाधार बारिश में डूबा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH-9, लगा भीषण जाम!
गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर में हुई भारी बारिश ने प्रशासनिक दावों और 'स्मार्ट सिटी' के प्रोजेक्ट्स पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। देश के सबसे आधुनिक रूट्स में शुमार दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) और उसके समानांतर चलने वाला सबसे व्यस्त नेशनल हाईवे-9 (NH-9) आज पानी में पूरी तरह डूब गए।
उत्तराखंड में प्रकृति का रौद्र रूप: टिहरी में देखते ही देखते जमींदोज हुआ होटल और मकान, खौफनाक मंजर कैमरे में कैद
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जारी मूसलाधार बारिश अब बस्तियों और इमारतों के लिए काल बनने लगी है। टिहरी जिले से तबाही की एक ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। यहाँ लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण जमीन धंसने से एक बहुमंजिला होटल का बड़ा हिस्सा और उसके पास बना एक रिहायशी मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
यह पूरी डरावनी घटना वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर ली। वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे महज चंद सेकंड के भीतर पूरी इमारतें भरभराकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं।
समय रहते टला बड़ा हादसा:
राहत की बात यह रही कि भूस्खलन और दरारों को भांपते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों ने इमारतों को पहले ही पूरी तरह खाली करा लिया था। इस सूझबूझ के कारण एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया और इस भयानक घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि (जान का नुकसान) नहीं हुई है। हालांकि, संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।
