PM आवास पर कांग्रेस का प्रदर्शन : राहुल गांधी, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी पुलिस हिरासत में 

Amrit Vichar Network
Edited By Virendra Pandey
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नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं ने छात्रों के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए मंगलवार को यहां प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया। 

बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया और उन्हें बस में बैठाकर ले जाया गया। बस में बैठाने के दौरान प्रियंका गांधी ने प्रतिरोध भी किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी इस धरने में शामिल हुए थे।

दरअसल, राहुल गांधी ने छात्रों को न्याय दिलाने के इच्छुक लोगों से इस धरने में शामिल होने का आह्वान किया था। धरना आरंभ होने के कुछ देर बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से धरना खत्म करने का आग्रह किया। सिंह के साथ गृह सचिव गोविंद मोहन भी थे। प्रधानमंत्री के आवास '7 लोक कल्याण मार्ग' के निकट धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने यहां 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' 'गुंडागर्दी नहीं चलेगी' और 'छात्रों को न्याय दो' के नारे लगाए।

इस धरने में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, पवन खेड़ा और कई अन्य सांसद शामिल हैं। धरना शुरू होने के कुछ देर बाद ही पुलिस ने लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।

कांग्रेस नेताओं ने धरने के दौरान हाथों में हथकड़ियां पहनकर पुलिस द्वारा छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का सांकेतिक रूप से विरोध किया। 

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राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए बिना, किसी नतीजे का सामना किए बिना बच निकलेंगे तो वह ऐसा नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।'' उनका कहना था कि भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

 उन्होंने कहा, ''हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास तक मार्च करके पहुंचे हैं, ताकि कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए उनसे जवाब मांगा जा सके। सरकार न तो इस घटना की कोई जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर चर्चा करना चाहती है।'' उन्होंने कहा, ''भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।'' इससे पहले, राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में भी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रियंका गांधी ने कहा, ''हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष को बात नहीं करने दिया जाता। ये सदन उन्हीं युवाओं का है जिन पर सरकार लाठी चला रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। बच्चों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए। '' इससे पूर्व आज दिन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात भी की थी। 

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