MP UCC Bill Passed: भारी हंगामे के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा से UCC बिल पास, उत्तराखंड-गुजरात और असम के बाद ऐसा करने वाला चौथा राज्य बना
शादी, तलाक, लिव-इन और उत्तराधिकार के नियमों में बड़े बदलाव
बहुविवाह पर रोक, सभी धर्मों के लिए विवाह-तलाक का पंजीकरण अनिवार्य, लिव-इन रिलेशनशिप के लिए भी नए प्रावधान; कांग्रेस ने विधानसभा में किया विरोध
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को तीखी बहस और विपक्ष के भारी विरोध के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को पारित कर दिया। इस कानून में बहुविवाह पर प्रतिबंध, सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण तथा लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर नए कानूनी प्रावधान शामिल किए गए हैं। कांग्रेस ने विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे कई मुद्दों पर आपत्तिजनक बताया।
शादी, तलाक और लिव-इन से जुड़े नए प्रावधान
पारित विधेयक के अनुसार तीन तलाक और निकाह हलाला को दंडनीय अपराध बनाया गया है। बहुविवाह पर रोक लगाने के साथ ही सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर तीन महीने तक की सजा का प्रावधान रखा गया है।
बच्चों को समान कानूनी और उत्तराधिकार अधिकार
विधेयक में जैविक, गोद लिए गए, सरोगेसी और सहायक प्रजनन तकनीक (ART) से जन्मे बच्चों को समान कानूनी अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही सभी बच्चों को समान उत्तराधिकार अधिकार देने का प्रस्ताव भी शामिल है। लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों को भी वैधानिक मान्यता मिलेगी। यदि पुरुष साथी महिला को छोड़ देता है, तो महिला अदालत से भरण-पोषण की मांग कर सकेगी।
अनुसूचित जनजातियां रहेंगी दायरे से बाहर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। हालांकि अन्य सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
सीएम मोहन यादव ने बताया ऐतिहासिक फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC विधेयक पारित होने को राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून "एक देश, एक संविधान" की भावना को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह कदम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और बहुविवाह जैसी समस्याओं से उन्हें राहत दिलाने में मदद करेगा। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर समाज को बांटने की राजनीति कर रहा है।
कांग्रेस ने किया जोरदार विरोध
विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज कर सांप्रदायिक बहस को बढ़ावा दे रही है। वहीं कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि वह इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
