Delhi Protest: पुलिस ने की CJP प्रदर्शनकारियों के चैट की जांच, इंटरनेट बंद होने पर सीक्रेट ऐप के जरिये जुड़ें होने का दावा

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा)' के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच तेज कर दी है। जांच के दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच कथित रूप से आदान-प्रदान किए गए कई डिजिटल संदेश और संपर्क के लिए इस्तेमाल किए गए संभावित 'गोपनीय ऐप' पुलिस की जांच के केंद्र में हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी इन संदेशों की प्रामाणिकता और उनमें शामिल लोगों की पहचान का तकनीकी सत्यापन कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन पूरा होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

व्हाइट्सऐप चैक हुई लीक

प्रारंभिक जांच में सामने आए कथित संदेशों से संकेत मिलता है कि प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की स्थिति में भी संपर्क बनाए रखने की तैयारी की थी। कुछ संदेशों में ब्लूटूथ आधारित ऐसे ऐप का उल्लेख है, जिनके जरिए बिना इंटरनेट के भी आपसी संवाद संभव हो सकता है। इन ऐप के लिंक कथित रूप से समूहों में साझा किए गए थे, जिनकी पुलिस अब जांच कर रही है।

इंटरनेट शटडाउन के दौरान ब्लूटूथ ऐप्स से रहे कनेक्ट 

एक कथित संदेश में प्रदर्शनकारियों से कहा गया था कि प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से पहले सभी सदस्य अपने मोबाइल फोन में एक ही ऐप इंस्टॉल कर लें और आपस में कनेक्ट हो जाएं, ताकि नेटवर्क बाधित होने पर भी संपर्क बना रहे। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो, मोबाइल फोन की रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ इन डिजिटल संदेशों का भी फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों को किसने उकसाया?

जांच में शामिल अधिकारियों के मुताबिक, कुछ संदेशों में राजनीतिक टिप्पणियां और लोगों को प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने वाले संदेश भी शामिल हैं। वहीं, कुछ कथित संदेशों में प्रदर्शन के दौरान जान देने या किसी की मौत होने पर सरकार पर दबाव बढ़ने जैसी टिप्पणियां भी सामने आई हैं। पुलिस इन संदेशों की पृष्ठभूमि और संदर्भ की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि ये संदेश केवल व्यक्तिगत विचार थे या फिर किसी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा। साइबर विशेषज्ञ संदेशों के स्रोत, उनके प्रसार और उनकी प्रामाणिकता की जांच में पुलिस की सहायता कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा में 118 पुलिसकर्मी और 70 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। इसके अलावा 15 से 20 सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों पर आधारित है और आगे की कानूनी कार्रवाई तकनीकी जांच तथा उपलब्ध ठोस सबूतों के आधार पर ही की जाएगी।

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