UP News : लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का उद्घाटन, सीएम योगी बोले-किसानों को मौसम की सटीक खबर मिलना जरूरी
मौसम के चक्र में हुआ एक महीने का बदलाव, इसके प्रभाव को लेकर सीएम ने दी ये चेतावनी
यूपी देश की सबसे बड़ी आबादी के साथ देश में सबसे ज्यादा खाद्यान्न पैदा करने वाला राज्य है। यहां की जमीन उपजाऊ है। सिंचाई के लिए भरपूर पानी है। राज्य में केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि है, लेकिन यहां देश के कुल खाद्यान्न का 21 फीसद उत्पादन होता है।
अमृत विचार, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में मौसम विभाग के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि, किसानों को मौसम विभाग की जानकारी समय पर मिलने से उनके नुकसान और खाद्यान्न संकट को काफी हद तक बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यूपी में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉकों में 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज सेंटर बनाए गए हैं। आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ में एक्स-बैंड (X-Band) डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए गए हैं। आंधी-तूफान और वर्षा की निगरानी में बड़ी मदद मिल रही है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली के डिटेक्शन सेंटर भी लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम के चक्र में एक महीने का अंतर आया है। फसलों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। अगर यही स्थिति रही तो दुनियाभर में खाद्यान्न संकट पैदा हो सकता है। मुनाफे के लिए प्रकृति के अंधाधुंध दोहन पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमने प्रकृति से सही व्यवहार नहीं किया है। अगर धरती माता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर लें तो सुधार में बड़ी मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग ने कृषि और किसानों की बड़ी मदद की है। मौसम विभाग से आज मौसम की सही जानकारी मिल रही है। आंधी-बारिश और तूफान की चेतावनी जारी हो जाती। किसान फसलों के बचाव को लेकर सतर्क हो जाते हैं। यहां क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र बनने से बड़ा लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश की सबसे बड़ी आबादी के साथ देश में सबसे ज्यादा खाद्यान्न पैदा करने वाला राज्य है। यहां की जमीन उपजाऊ है। सिंचाई के लिए भरपूर पानी है। राज्य में केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि है, लेकिन यहां देश के कुल खाद्यान्न का 21 फीसद उत्पादन होता है।
तो किसानों के साथ न्याय नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसानों को मौसम की सटीक सूचना न मिल पाए तो ये उनके साथ न्याय नहीं होगा। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र बनने से किसानों को समय पर बारिश, ओलावृष्टि की जानकारी मिल सकेगी। इस दिशा में और भी प्रभावशाली प्रयास जारी हैं।
डाटा विश्लेषण में बड़ी मददद
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, राष्ट्रीय मौसम विभाग के नेटवर्क का महत्वपूर्ण भाग है। इसके जरिये स्थानीय स्तर पर मौसम का सटीक आकलन होता है। डाटा विश्लेषण से लेकर, मौसम की चेतावनी जारी करने की प्रक्रिया तक बड़े सुधार देखने को मिल सकते हैं।
