Bengaluru Airport: दृष्टिबाधित क्रिकेटरों और कैथे पैसिफिक के बीच भारी विवाद, T20 World Cup विजेताओं ने लगाए गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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नई दिल्लीः बेंगलुरु हवाई अड्डे पर दृष्टिबाधित यात्रियों के एक समूह और कैथे पैसीफिक एयरवेज के बीच हुए विवाद में भेदभाव के आरोप लगे हैं, लेकिन एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों द्वारा समय पर अतिरिक्त सामान का शुल्क नहीं चुकाने के कारण उन्हें विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। यह समूह बृहस्पतिवार की रात के आईएएल पहुंचा जिसमें दृष्टिबाधित विश्व कप विजेता क्रिकेटर लोकेश, संगीतकार अशोक, नाम चांग बुइंग, प्रणय और दादासाब थे। वे दिव्यांगों के लिये समर्थनम ट्रस्ट की ओर से तीन महीने के सांस्कृतिक कन्सर्ट टूर पर अमेरिका जा रहे थे। 

कैथे पैसिफिक एयरलाइंस पर लगा भेदभाव का आरोप

दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप 2017 जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे लोकेश ने कहा, ''उनके बात करने के तरीके और अचानक बदले हुए आक्रामक रवैये से पता चलता था कि उनका मानना ​​था कि दृष्टिबाधित लोग खुद कहीं आ जा नहीं सकते या अपने हक के लिए खड़े नहीं हो सकते। यह पूरी तरह से भेदभाव है।'' उन्होंने कहा कि एयरलाइन के स्टाफ ने उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की जब वे घटना रिकॉर्ड करने का प्रयास कर रहे थे। वहीं कैथे पैसीफिक ने कहा कि समूह को विमान में चढने की अनुमति इसलिये नहीं दी गई कि उन्होंने पूरा भुगतान नहीं किया था और इसका उनकी दिव्यांगता से कोई लेना देना नहीं है। 

एयरलाइन ने एक बयान में कहा, ''हमें इस मामले की जानकारी है और यह निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करने से जुड़ा है, यात्रियों से नहीं। उनके पास सामान अधिक था और निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्होंने इसका शुल्क नहीं भरा। इसका यात्रियों की दिव्यांगता से कोई लेना देना नहीं है।'' 

1.12 लाख एक्स्ट्रा चार्ज से जुड़ा है मामला

समर्थनम ट्रस्ट के अध्यक्ष जी महंतेश ने कहा कि एयरलाइन ने भुगतान के लिये जीपे का लिंक दिया था जो एक लाख रूपये तक ही स्वीकार कर रहा था जबकि अतिरिक्त शुल्क एक लाख 12 हजार रूपये था। उन्होंने कहा, ''हमारे मूल दस्तावेज ठीक थे लेकिन अचानक एयरलाइन के स्टाफ ने कहा कि हमारे उपकरण निर्धारित सीमा से बड़े हैं और हमें 60000 रूपये अतिरिक्त देने होंगे जो बाद में बढाकर एक लाख 12 हजार रूपये कर दिये थे।'' 

ब्रिटिश एयरवेज ने 7 लाख खर्च करवाकर पहुंचाया अमेरिका

उन्होंने कहा, ''हमें एक लाख 12 हजार रूपये भरने थे लेकिन जीपे लिंक काम नहीं कर रहा था। हमने क्रेडिट कार्ड से भुगतान का प्रस्ताव रखा जो उन्होंने स्वीकार नहीं किया। यह समूह रात में तीन घंटे से अधिक हवाई अड्डे के बाहर खड़ा रहा। बाद में ब्रिटिश एयरवेज ने मदद की लेकिन हमें नये टिकट के लिये छह सात लाख रूपये खर्च करने पड़े।'' 

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