Kanpur News: अपनों ने छोड़ा साथ, प्रेमी के घरवालों ने निभाया रिश्ता; ज्योति का करेंगे पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार, जानें पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कानपुर में रेलवे ट्रैक पर मिले लिव-इन कपल के शव मामले में युवती के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। प्रेमी के परिवार ने उसे बहू मानते हुए अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया

कानपुर, अमृत विचार। लिवइन में रह रही ज्योति के परिजनों ने उसकी सूरत देखने से मना कर दिया। परिवार से उसे आखिरी बार देखने भी कोई नहीं आया। जिससे पोस्टमार्टम हाउस में पंचनामा भरने में देरी हुई। यह देख प्रेमी सुमित के परिजन आगे आए और कहा कि ज्योति को बहू माना है। इसके बाद उसके पंचायतनामें में पति की जगह पर सुमित का नाम दर्ज कराया। परिजनों ने कहा कि वह बेटे के साथ ज्योति का अंतिम संस्कार भी पूरे विधि-विधान से करेंगे।

वहीं सुमित के घरवालों ने ज्योति के परिजनों पर हत्या का आरोप भी लगाया। कहा, समित को रास्ते में रोककर धमकाया था। मंगलवार रात ज्योति व सुमित का शव कानपुर-बांदा रेलवे लाइन पर मिला था। रेऊना के गौरा गांव निवासी रोहित कुमार खेती-किसानी करते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार में पत्नी राजलक्ष्मी, तीन बेटियां व तीन बेटे ब्रह्म प्रकाश, शिव प्रकाश और 26 वर्षीय सुमित उर्फ उदय प्रकाश था। बेटों में ब्रह्म प्रकाश गुजैनी में किराए पर परिवार के साथ रहता है, जबकि शिव प्रकाश दिल्ली में मजदूरी करते हैं।

सुमित भी पानीपत काम करने गया था, लेकिन मौजूद समय गांव में ही रह रहा था। पिता के अनुसार एक साल पहले जब सुमित पानीपत गया था, वहीं उसकी मुलाकात बारा दौलतपुर के छोटे से हुई। तभी सुमित का प्रेम संबंध छोटे की पत्नी ज्योति से हुआ। बाद में ज्योति अपनी दो बेटियों को छोड़कर सुमित के साथ गांव आकर रहने लगी। दोनों घर से अलग बारा दौलतपुर में किराए के कमरे में लिवइन में रहते थे।

परिजनों ने बताया कि बीते अगस्त माह में छोटे घर आया तो उसने ज्योति को साथ चलने को कहा। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। मामला रेऊना थाने पहुंचा और ज्योति ने पति के साथ रहने से मना कर दिया था। मंगलवार देर रात सुमित व ज्योति के शव कानपुर-बांदा रेलवे लाइन पर मिला। स्टेशन मास्टर सुधीर सक्सेना ने जीआरपी को सूचना दी, बताया कि रात आठ बजे चित्रकूट एक्सप्रेस निकलने के बाद शव मिले थे। परिजनों के न होने के कारण शव का पोस्टमार्टम बुधवार को नहीं हो सका था।

गुरुवार को सुमित के परिजन आए, लेकिन ज्योति की तरफ से कोई नहीं आया। सुमित के भाई ब्रह्म प्रकाश के अनुसार ज्योति के बहनोई ने मोहर्रम के दिन उसके परिजनों को धमकाया था। घटना के दिन मंगलवार की दोपहर भी उसने बाजार में सुमित को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। आरोप है कि ज्योति के बहनोई व अन्य ने सुमित व ज्योति की हत्या की है। आत्महत्या दिखाने के लिए शव रेलवे ट्रैक पर फेंका गया है।

बक्से का ताला तोड़ ले गई थी तोड़िया व रुपये

सुमित की मां राजलक्ष्मी ने बताया कि मोहर्रम के दिन ज्योति घर आई थी। उस समय वह घर पर अकेली थीं। ज्योति जबरन कमरे में गई और बक्से का ताला तोड़कर उससे तोड़ियां व आठ हजार रुपये निकाले। विरोध पर उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। घर में रखा अनाज भी ज्योति ले गई थी। रोहित कुमार ने बताया कि उसे बहू मान लिया था। अगर वह जेवर-रुपये मांग कर ले जाती तो खुशी से दे देते।
परिजनों ने सूरत देखने से मना किया

सुमित के परिजन गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, लेकिन ज्योति के घर से कोई नहीं आया। ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि उन्होंने ज्योति के घरवालों को फोन किया तो उन्होंने उसकी सूरत देखने से मना कर दिया। शव के अंतिम संस्कार की बात कही तो उन्हें धमकाया। कहा अगर शव लेकर गांव आए तो देखेंगे। इस पर सुमित के पिता ने बेटे का आधार कार्ड देकर ज्योति के पंचनामा में पति की जगह उसका नाम लिखवाया। कहा कि ज्योति का अंतिम संस्कार करेंगे।

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