Gonda News: ठेकेदारी में साझेदारी का झांसा, 10 लाख निवेश के बाद डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी
कोर्ट के आदेश पर कारोबारी व बैंक अधिकारियों पर धोखाधड़ी का केस
गोंडा के धानेपुर थाना क्षेत्र के बछईपुर निवासी एक ठेकेदार की शिकायत पर न्यायालय के आदेश से कारोबारी समेत एचडीएफसी बैंक के दो प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
धानेपुर/गोंडा, अमृत विचार: धानेपुर थाना क्षेत्र के बछईपुर निवासी एक ठेकेदार की शिकायत पर न्यायालय के आदेश से कारोबारी समेत एचडीएफसी बैंक के दो प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ठेकेदारी में साझेदारी का झांसा देकर पहले 10 लाख रुपये निवेश कराए गए और बाद में फर्जी तरीके से शिकायतकर्ता को गारंटर बनाकर करीब 1.50 करोड़ रुपये का बैंक ऋण ले लिया गया।
बछईपुर निवासी अविनाश सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि करीब दो वर्ष पहले पुलिस लाइन गोण्डा में फॉरेंसिक लैब निर्माण कार्य के दौरान उनकी मुलाकात प्रदीप कुमार सिंह से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं तो प्रदीप ने पांच प्रतिशत लाभ का लालच देकर उन्हें अपने ठेकेदारी व्यवसाय में सहभागी बना लिया। विश्वास में लेकर 11 अक्टूबर 2021 को उनसे आरटीजीएस के माध्यम से 10 लाख रुपये अपनी फर्म के खाते में जमा करा लिए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में विपक्षियों ने उनकी जानकारी के बिना उनके पते में बदलाव कर गोण्डा के स्थान पर नोएडा का पता दर्ज करा दिया। इसके बाद एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत से करीब 1.50 करोड़ रुपये का मशीनरी ऋण स्वीकृत कराया गया, जिसमें उन्हें फर्जी तरीके से गारंटर बना दिया गया। इसकी जानकारी काफी समय बाद होने पर जब उन्होंने विरोध किया तो मुख्य आरोपी ने फोन पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और नहर में फेंक देने की धमकी दी।
जानिए क्या बोला पीड़ित
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पहले धानेपुर थाना और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। न्यायालय के आदेश पर धानेपुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
