NEET Paper Leak: टीम इंडिया की जर्सी पहनकर लखनऊ पहुंचे अभिजीत दीपके, पुलिस ने ईको गार्डन में प्रदर्शन की अनुमति देने से किया इनकार
लखनऊ: देश भर में अपने अनोखे नाम और अभियानों से चर्चा बटोरने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने अब उत्तर प्रदेश का रुख किया है। पार्टी के संस्थापक और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अभिजीत दीपके लखनऊ पहुंच चुके हैं। वह शनिवार को लखनऊ के ईको गार्डन में नीट (NEET) पेपर लीक मामले के खिलाफ आयोजित 'आक्रोश प्रदर्शन' में शामिल होने वाले हैं। हालांकि, लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन को अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है।
हर हाल में प्रदर्शन करने पर अड़ा छात्र संगठन
यह विरोध-प्रदर्शन मुख्य रूप से ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया और वीडियो संदेशों के जरिए छात्रों और युवाओं से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचने की अपील की थी।
पुलिस की पाबंदी के बावजूद छात्र संगठन झुकने को तैयार नहीं है। 'आइसा' (AISA) के लखनऊ यूनिट अध्यक्ष शांतम निधि ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि वे हर हाल में अपना विरोध दर्ज कराएंगे। पुलिस के मुताबिक, इस प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन विवेक कुमार नाम के प्रतिनिधि की ओर से दिया गया था, जिसे खारिज कर दिया गया है।
टीम इंडिया की जर्सी में अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे अभिजीत
शुक्रवार देर रात जब अभिजीत दीपके लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे, तो वह टीम इंडिया की टी-शर्ट पहने नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और पुलिस से दोबारा अनुमति मांगेंगे। उनका मकसद केवल युवाओं और छात्रों की आवाज को बुलंद करना है।
कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके का कहना है कि "हमने 6 जून को दिल्ली और 12 जून को पुणे में बेहद शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन किया था। लखनऊ में भी हम स्थानीय प्रशासन से बात करेंगे और अपनी मांगें शांतिपूर्वक रखेंगे।"
कौन हैं अभिजीत दीपके?
30 वर्षीय अभिजीत दीपके मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। अभिजीत साल 2020 में आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम के लिए काम कर चुके हैं। इसके अलावा 2021 में किसान आंदोलन और महंगाई जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया कैंपेन चलाने के लिए भी वे चर्चा में रहे हैं।
