आपके बच्चे का स्कूल कितना सुरक्षित?: जानकारी मांगने पर भी नहीं मिली, DIOS मुरादाबाद को सूचना आयोग का नोटिस

Amrit Vichar Network
Edited By Anuj Sharma
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मुरादाबाद के DIOS को सूचना आयोग का नोटिस, राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने कहा- शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा संबंधी जानकारी सार्वजनिक हित का विषय

उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा संबंधी RTI का समय पर जवाब नहीं देने पर मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को नोटिस जारी किया। आयोग ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के शिक्षण संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था जानने का पूरा अधिकार है।

लखनऊ, अमृत विचार। स्कूलों,कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में आग, भवन हादसों और अन्य सुरक्षा चूक की घटनाओं के बीच एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर अभिभावक अपने बच्चों के शिक्षण संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी कैसे हासिल करें? उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने इसी मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को नोटिस जारी किया है।
मामला मुरादाबाद जिले के करीब 40 कोचिंग संस्थानों और एक दर्जन स्कूलों एवं कॉलेजों में सुरक्षा मानकों से जुड़ी जानकारी का है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं से संबंधित सूचनाएं मांगी गई थीं, लेकिन निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

विभाग का दायित्व है समय पर सूचना उपलब्ध कराए

सुनवाई के दौरान  राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा आज हर अभिभावक की प्राथमिक चिंता है। यदि कोई नागरिक आरटीआई के माध्यम से ऐसी जानकारी मांगता है तो संबंधित विभाग का दायित्व है कि उसे समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए। इससे अभिभावकों को यह जानने का अधिकार मिलता है कि जिस संस्थान में उनका बच्चा पढ़ रहा है, वहां सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।

DIOS मुरादाबाद से जवाब तलब

सूचना आयोग ने माना कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक हित का विषय है। ऐसी सूचनाएं देने में देरी या उन्हें रोके रखना आरटीआई कानून की भावना के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर DIOS मुरादाबाद से जवाब तलब किया गया है।
राज्य सूचना आयुक्त का यह फैसला दूरगामी असर वाला माना जा रहा है। प्रदेश के लाखों अभिभावकों के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे भी सूचना के अधिकार के तहत अपने जिले के स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था, भवन की सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी मांग सकते हैं। सूचना आयोग के इस रुख से शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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