राज्यसभा में छात्रों के मुद्दे पर गरजे खरगे, बोले- चर्चा नहीं होने दी, सरकार ने हमारा मुंह बंद करा दिया

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन और कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस विषय पर सदन में बहस चाहता था, लेकिन बोलने का अवसर नहीं मिला।

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष की आवाज दबा दी गई। उनका कहना था कि जैसे ही उन्होंने इस विषय पर बोलना शुरू किया, उनका माइक बंद कर दिया गया और चर्चा की अनुमति नहीं दी गई।

राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित होने के बाद संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खरगे ने कहा कि विपक्ष राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और घायल छात्रों के मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहता था। साथ ही विपक्ष की मांग थी कि इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री सदन में बयान दें, लेकिन सरकार ने इस पर चर्चा का अवसर नहीं दिया।

खरगे ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया और उन्हें क्यों पीटा गया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में भी चर्चा नहीं हो सकती, तो फिर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात कहने का मंच क्या होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार स्वयं देश में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहती है। उनके मुताबिक लोगों को उकसाया जा रहा है ताकि बाद में उन पर बल प्रयोग किया जा सके, उन्हें डराया जाए और जेल भेजा जा सके।

उन्होंने सोमवार की घटनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि सांसदों को सदन से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें अंदर ही रोके रखा गया। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के रवैये की भी आलोचना करते हुए इसकी निंदा की।

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