UP SCR Mega Plan: लखनऊ समेत 6 जिले 6-लेन रिंग रोड से होंगे कनेक्ट, 2051 तक यात्रा समय में 45% कमी का लक्ष्य

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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'राज्य राजधानी माला' परियोजना के तहत लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली को ब्राउनफील्ड व ग्रीनफील्ड मॉडल पर बनने वाली 6-लेन रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। योजना का उद्देश्य भविष्य की बढ़ती यातायात जरूरतों को पूरा करना और यात्रा को तेज व सुगम बनाना है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्टेट कैपिटल रीजन (UP SCR) को आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। योजना के तहत लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली को 'राज्य राजधानी माला' परियोजना के अंतर्गत 6-लेन रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। इससे इन छह जिलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज व सुविधाजनक बनेगी।

2051 की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हुआ मास्टर प्लान

जीआईएस आधारित योजना में वर्ष 2025 से लेकर 2051 तक के संभावित यातायात दबाव और यात्रा पैटर्न का अध्ययन किया गया है। सर्वेक्षण के अनुसार, रिंग रोड बनने के बाद वर्तमान स्थिति की तुलना में यात्रा समय में लगभग 45 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है।

योजना का उद्देश्य बढ़ते वाहन दबाव को संभालना, जिलों के बीच निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना और राजधानी क्षेत्र के ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड मॉडल पर बनेगी 6-लेन रिंग रोड

परियोजना को यूपीडा (UPDA) और एनएचएआई (NHAI) द्वारा ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

  • ब्राउनफील्ड मॉडल के तहत लगभग 300 किलोमीटर लंबी रिंग रोड प्रस्तावित है। इस परियोजना पर 17,600 करोड़ रुपये और 18,000 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।
  • ग्रीनफील्ड मॉडल के तहत लगभग 320 किलोमीटर लंबी रिंग रोड विकसित की जाएगी, जिस पर 29,600 करोड़ रुपये और 19,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।

इन दोनों परियोजनाओं में लखनऊ केंद्र बिंदु रहेगा और इन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

बाईपास कॉरिडोर की तरह करेगा काम

प्रस्तावित रिंग रोड एक बाईपास कॉरिडोर की तरह कार्य करेगी, जिससे भारी वाहनों और लंबी दूरी के यातायात को शहरों के भीतर प्रवेश किए बिना गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

योजना के अनुसार प्रतिदिन लगभग 20 हजार मालवाहक वाहन और 70 हजार यात्री वाहन इस नेटवर्क का उपयोग करेंगे। इसके साथ ही संबंधित जिलों के हाईवे और प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा, ताकि यातायात का दबाव कम किया जा सके।

वर्ष 2025 में अनुमानित दैनिक यात्रा (सर्वे)

  • उन्नाव – रायबरेली: 26,000 ट्रिप | पीक आवर: 2,600
  • रायबरेली – बाराबंकी: 32,000 ट्रिप | पीक आवर: 3,200
  • बाराबंकी – सीतापुर: 18,000 ट्रिप | पीक आवर: 1,800
  • सीतापुर – हरदोई: 40,000 ट्रिप | पीक आवर: 4,000
  • हरदोई – उन्नाव: 20,000 ट्रिप | पीक आवर: 2,000

वर्ष 2051 तक अनुमानित दैनिक यात्रा

  • उन्नाव – रायबरेली: 88,000 ट्रिप | पीक आवर: 8,800
  • रायबरेली – बाराबंकी: 1,10,000 ट्रिप | पीक आवर: 11,000
  • बाराबंकी – सीतापुर: 60,000 ट्रिप | पीक आवर: 6,000
  • सीतापुर – हरदोई: 1,40,000 ट्रिप | पीक आवर: 14,000
  • हरदोई – उन्नाव: 70,000 ट्रिप | पीक आवर: 7,000

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