LIVEParliament Monsoon Session 2026 Day 3: संसद में काले कपड़े पहनकर पहुंचे सांसद, भारी हंगामें के बीच कार्रवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित; जानें अब तक क्या-क्या हुआ
संसद के पहले दो दिन छात्र प्रदर्शन, विपक्ष के विरोध और राजनीतिक टकराव की भेंट चढ़े। तीसरे दिन सरकार अहम विधेयक पेश कर सकती है, जबकि विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और नीट परीक्षा के कथित मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। 20 जुलाई से शुरू हुआ यह सत्र 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। शुरुआती दो दिनों में संसद के भीतर विपक्ष के हंगामे और बाहर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल गर्म रखा। अब तीसरे दिन भी सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव की संभावना बनी हुई है।
सरकार आज कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश कर सकती है। वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ मैदान में उतरेगा।
LIVE BLOG: संसद के मानसून सत्र से जुड़े सभी बड़े अपडेट, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही, सरकार और विपक्ष की रणनीति तथा प्रमुख घटनाक्रम यहां पढ़ें।
लोकसभा की कार्रावाही 12 बजे तक के लिए स्थगित
भारी हंगामे के बीच लोकसभा की कार्रवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
काले कपड़े पहनकर पहुंचे विपक्षी सांसद
संसद के मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित 'इंडिया' गठबंधन के विपक्षी नेताओं ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन नीट (NEET) परीक्षा में धांधली, लगातार होते पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ था। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार जनहित के इन ज्वलंत मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने से भाग रही है और उनकी आवाज दबा रही है।
काले कपड़े पहनकर विपक्ष ने एक तरफ सरकार की नीतियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया, वहीं दूसरी ओर अपनी एकजुटता का संदेश दिया।
किरण रिजिजू और गौरव गोगोई पेश करेंगे BAC की 17वीं रिपोर्ट
सत्र के शुरुआती कामकाज के दौरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और सांसद गौरव गोगोई व्यापार सलाहकार समिति (BAC) की 17वीं रिपोर्ट सदन में पेश करेंगे।
इसके अलावा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और मन्ना लाल रावत कोयला, खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति की वर्ष 2025-26 की तीन अहम रिपोर्टें सदन में रखेंगे।
इन रिपोर्टों में शामिल हैं:
- इस्पात मंत्रालय से जुड़ी 24वीं रिपोर्ट, जिसमें 'इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और मेड इन इंडिया इस्पात उत्पादन के रोडमैप' पर सुझाव दिए गए हैं।
- कोयला मंत्रालय की 25वीं रिपोर्ट, जिसमें वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर समिति की सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण है।
- खान मंत्रालय की 26वीं रिपोर्ट, जिसमें अनुदान मांगों (2026-27) पर समिति की सिफारिशों के अनुपालन की जानकारी दी गई है।
रेल मंत्रालय की रिपोर्ट पर भी दिया जाएगा बयान
रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह रेलवे मंत्रालय की 2026-27 की अनुदान मांगों से संबंधित रेलवे संबंधी स्थायी समिति की 8वीं रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर सदन में बयान देंगे।
कॉरपोरेट कानून संशोधन विधेयक पर संयुक्त समिति को अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव
लोकसभा में सांसद सुधीर गुप्ता और मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल की ओर से एक प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा। इसमें कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय-सीमा को मानसून सत्र 2026 के अंतिम दिन तक बढ़ाने की मांग की गई है।
कामकाज की सूची के अनुसार, प्रस्ताव में संयुक्त समिति को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय देने की अनुमति मांगी गई है।
सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने वाले विधेयक पर होगी चर्चा
लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू कराएंगे और इसके पारित किए जाने का प्रस्ताव भी रखेंगे।
यह विधेयक 20 जुलाई को मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था। उस समय विपक्ष की नारेबाजी के बीच इसे सदन में रखा गया था।
अध्यादेश को अस्वीकार करने के प्रस्ताव पर भी होगी बहस
विधेयक पर चर्चा के साथ-साथ सांसद सौगत राय, एन.के. प्रेमचंद्रन और डीन कुरीयाकोस द्वारा लाए गए वैधानिक प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।
इस प्रस्ताव में 16 मई को राष्ट्रपति द्वारा जारी सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को अस्वीकार करने की मांग की गई है।
प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में आगे संशोधन करना है।
राज्यसभा में कई मंत्रालयों के दस्तावेज होंगे पेश
राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, बीएल वर्मा, बी. संजय कुमार, सुकांत मजूमदार और हर्ष मल्होत्रा अपने-अपने मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे।
- नित्यानंद राय और बी. संजय कुमार गृह मंत्रालय से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।
- बीएल वर्मा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दस्तावेज रखेंगे।
- सुकांत मजूमदार शिक्षा मंत्रालय की ओर से दस्तावेज पेश करेंगे।
- हर्ष मल्होत्रा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जुड़े दस्तावेज सदन में रखेंगे।
राज्यसभा में रक्षा, इस्पात और कोयला क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्टें भी होंगी पेश
राज्यसभा में लोक लेखा समिति की कई महत्वपूर्ण रिपोर्टें भी पेश की जाएंगी। इनमें धनुष तोप प्रणाली के उत्पादन में देरी और खराब गोला-बारूद बदलने में 62.10 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़ी रिपोर्ट शामिल है।
इसके अलावा इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा कोयला और खान मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई से संबंधित रिपोर्टें भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी।
पहला दिन: छात्र प्रदर्शन और संसद में हंगामा
- नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने 'चलो संसद' मार्च निकाला।
- प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
- पुलिस के अनुसार कई प्रदर्शनकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए।
- कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
- विपक्ष ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद में उठाया।
- कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
- लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही।
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आरएमएल और लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों का हाल जाना और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की।
