LIVECJP Protest: देश के नेतृत्व पर बरसे नसीरुद्दीन शाह: 'अज्ञानी रहनुमा पूरे मुल्क को अयोग्य और बेरहम बनाना चाहता है'
संसद मार्च के दौरान कथित उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज कीं। दूसरी ओर CJP ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है।
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा और उपद्रव के मामले में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अब तक अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज की हैं। वहीं, प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं और सरकार पर शिक्षा सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बना रहे हैं।
पुलिस एक्शन को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट आज एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करेगा, जिसमें कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान छात्रों व अन्य प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को चुनौती दी गई है। इस याचिका में 18 जुलाई के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने, संबंधित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
"नकाब लगाकर छात्रों पर डंडा चलाने वालों अपने बच्चों के बारे में तो सोचो"
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि यदि किसी देश का नेतृत्व कोई अज्ञानी व्यक्ति करता है, तो वह यही चाहेगा कि पूरा देश उसकी तरह अज्ञानी, अविवेकशील, अयोग्य और निष्ठुर बन जाए।
संसद मार्च मामले में 10 एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, संसद मार्च के दौरान हुई घटनाओं के संबंध में कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें चार मामले पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना, तीन कनॉट प्लेस थाना, जबकि मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कथित उपद्रव, सुरक्षा बलों पर हमले और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की घटनाओं की जांच जारी है।
CJP का दावा- आंदोलन और तेज होगा
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उनका दावा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो आने वाले दिनों में और अधिक लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
रांका ने आरोप लगाया कि 20 तारीख का मार्च शांतिपूर्ण था और तनाव तब बढ़ा जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आंदोलन गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों के लिए मुंबई से भेजा गया भोजन
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक फूड डिलीवरी पार्टनर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन लेकर पहुंचता दिखाई दिया।
डिलीवरी पार्टनर के अनुसार, मुंबई निवासी अनुज रावत ने ऑनलाइन भोजन ऑर्डर कर पहले ही भुगतान कर दिया था और निर्देश दिया था कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद जरूरतमंद लोगों में भोजन वितरित किया जाए। इस घटना को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मानवता और सहयोग का उदाहरण बताया।
विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटाया गया
CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। पार्टी के अनुसार, आंदोलन के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसे संगठन ने अपने सिद्धांतों के विपरीत और असंवेदनशील आचरण बताया।
पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान इस तरह का व्यवहार संगठन की विचारधारा और मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
घायलों का अस्पतालों में इलाज जारी
डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के एक सूत्र के अनुसार, उपचार के लिए करीब 110 छात्र और 40 पुलिसकर्मी अस्पताल लाए गए। हालांकि इसे आधिकारिक आंकड़ा नहीं बताया गया है।
डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में सिर, हाथ, पैर, आंख और कमर में चोट के मामले सामने आए हैं। कुछ लोगों को फ्रैक्चर होने के कारण विशेष उपचार देना पड़ा।
जेएनयू छात्र संघ का आक्रोश मार्च
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्र संघ ने मंगलवार रात बराक हॉस्टल से गंगा ढाबा तक विरोध मार्च निकाला। छात्र संघ ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और कथित बल प्रयोग का विरोध किया।
मार्च के दौरान छात्रों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
RAFP कर्मियों पर हमले के मामले भी दर्ज
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान आरएएफ (RAF) जवानों का पीछा करने और उन पर कथित हमले से जुड़े वायरल वीडियो के आधार पर भी मामले दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
