हरदोई में बैंक रिकवरी एजेंट बनकर 3.75 लाख की ठगी, फर्जी रसीद और QR पेमेंट से उड़ाए रुपये; 8 आरोपियों पर केस
पशुपालन ऋण की वसूली के नाम पर खुद को बैंक का रिकवरी एजेंट बताकर नकद और ऑनलाइन भुगतान कराया गया। पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बैंक रिकवरी एजेंट बनकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को बैंक का वसूली एजेंट बताकर कर्जदार पर भुगतान का दबाव बनाया और फर्जी रसीदें देकर कुल 3,75,887 रुपये की धोखाधड़ी कर ली। मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पशुपालन ऋण के नाम पर बनाया शिकार
कछौना कोतवाली क्षेत्र के आरखताली मजरा कामीपुर निवासी वजाहत अली ने पुलिस अधीक्षक को दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने पशुपालन के लिए बैंक से 7 लाख रुपये का ऋण लिया था। समय पर किस्त जमा न होने के कारण यह ऋण एनपीए (Non-Performing Asset) घोषित हो गया था।
पीड़ित के अनुसार, इसी दौरान शुभम बाजपेई नाम का व्यक्ति उनके घर पहुंचा और खुद को एचडीएफसी बैंक का रिकवरी एजेंट बताते हुए पहचान पत्र दिखाया। उसने ऋण वसूली का दबाव बनाते हुए वजाहत अली और उनके भाई को बैंक की रेलवेगंज शाखा के बाहर बुलाया।
कैश लेकर दी फर्जी रसीद, फिर QR कोड से कराया ट्रांसफर
तहरीर के मुताबिक, आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में 2,71,200 रुपये नकद लिए और उसके बदले कथित तौर पर फर्जी रसीदें थमा दीं। इसके बाद शेष 1,04,687 रुपये QR कोड के माध्यम से अपने सहयोगियों के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
पीड़ित का आरोप है कि भुगतान पूरा होने के बाद भी आरोपी लगातार 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' देने का आश्वासन देता रहा, लेकिन दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।
आठ आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने वजाहत अली की शिकायत के आधार पर शुभम बाजपेई, रोहित सिंह, सैनिक मोबाइल शॉप, आरिफ कुरैशी, अंकित शुक्ला, अनुपम मिश्रा, श्रीराम ट्रेडर्स और समीर पाण्डेय सहित कुल आठ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस प्रेस नोट से हुआ मामले का खुलासा
पीड़ित के अनुसार, इस ठगी की पूरी जानकारी तब सामने आई जब उनके भाई ने 9 जुलाई को हरदोई पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट देखा। प्रेस नोट में उल्लेख था कि शुभम बाजपेई और उसके साथियों ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से 3,75,887 रुपये वसूलकर कथित तौर पर फर्जी रसीदें दी थीं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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