मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना: 28 पशुपालकों का चयन, दो गायों की इकाई पर मिलेगा ₹80 हजार तक अनुदान
कानपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत कानपुर में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 28 पशुपालकों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया है। चयनित लाभार्थियों को गिर, साहीवाल, हरियाणा और थारपारकर नस्ल की दो-दो उन्नत दुधारू गायों की इकाई स्थापित करने का अवसर मिलेगा। योजना के तहत पात्र पशुपालकों को अधिकतम 80 हजार रुपये तक का अनुदान भी दिया जाएगा।
ई-लॉटरी से हुआ लाभार्थियों का चयन
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ई-लॉटरी के जरिए 28 लाभार्थियों का चयन किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन भी मौजूद रहे। चयनित लाभार्थियों में 14 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं।
उन्नत स्वदेशी नस्लों को मिलेगा बढ़ावा
नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित इस योजना में गिर, साहीवाल, हरियाणा और थारपारकर जैसी देश की प्रमुख स्वदेशी दुधारू नस्लों को शामिल किया गया है। चयनित पशुपालक प्रदेश के बाहर से निर्धारित नस्ल की दो दुधारू गाय खरीदकर अपनी डेयरी इकाई स्थापित कर सकेंगे। गायों की खरीद के लिए मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से अनुमति पत्र जारी किए जाएंगे।
दो लाख की इकाई पर 80 हजार तक सब्सिडी
योजना के तहत दो उन्नत स्वदेशी दुधारू गायों की एक इकाई की अधिकतम लागत दो लाख रुपये तय की गई है। इसमें गायों की खरीद, परिवहन, ट्रांजिट बीमा, तीन वर्ष का पशु बीमा, चारा काटने की मशीन और शेड निर्माण जैसे खर्च शामिल हैं। अनुमन्य व्यय का 40 प्रतिशत, अधिकतम 80 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
बीमा कराना होगा अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए खरीदी गई गायों का तीन वर्ष का पशु बीमा और खरीद स्थल से इकाई स्थापना स्थल तक ट्रांजिट बीमा कराना अनिवार्य होगा। इससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का फोकस
सरकार का उद्देश्य स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से जिले में डेयरी व्यवसाय को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
