NEET Re-exam को लेकर देशभर में मॉक ड्रिल, हरिद्वार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, आबू धाबी एग्जाम सेंटर दिए जाने पर क्या बोला NTA; जानिए
नीट परीक्षा से पहले बड़ी लापरवाही नागपुर के छात्र को अलॉट किया अबू धाबी का केंद्र, सुरक्षा के बीच देशभर में मॉक ड्रिल
दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने के प्रयासों के तहत शनिवार को देशभर में 'मॉक ड्रिल' की जा रही है। अधिकारियों द्वारा यह जानकारी दी गई है। इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी स्थित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) कार्यालय में भी सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
कल पेन-पेपर मोड में होगी परीक्षा, 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल
यह पुनर्परीक्षा 21 जून को अपराह्न (दोपहर) दो बजे से शाम पांच बजकर 15 मिनट तक कलम-कागज (पेन-पेपर) माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होने जा रहे हैं। इसका भव्य आयोजन भारत के 551 शहरों तथा विदेश के 14 शहरों में किया जाएगा।
तैयारियों को परखने के लिए देशव्यापी 'मॉक ड्रिल'
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि नीट परीक्षा को सुचारू और निर्बाध रूप से कराने के लिए सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े व्यापक इंतजाम किए गए हैं। देशव्यापी 'मॉक ड्रिल' आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की तैयारियों को पूरी तरह से परखना है। इसके साथ ही इस पूरी प्रक्रिया में शामिल विभिन्न सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय (Coordination) को और बेहतर बनाना है।
जहां प्रशासन तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नागपुर में एक छात्र को परीक्षा केंद्र भारत के बजाय सीधे अबू धाबी अलॉट कर दिया गया।
प्राथमिकता में चुने थे नागपुर, वर्धा और भंडारा
छात्र अब्दुल्ला तालिब ने परीक्षा केंद्र के लिए अपनी चॉइस में नागपुर, वर्धा और भंडारा को प्राथमिकता के रूप में चुना था। उसके पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने एक समाचार चैनल को बताया कि एनटीए द्वारा जारी प्रवेश पत्र (Admit Card) मिलने पर छात्र यह देखकर हैरान रह गया कि उसे अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है। हालांकि, छात्र के माता-पिता द्वारा एनटीए के समक्ष मुद्दा उठाए जाने के बाद, एजेंसी ने उन्हें नया परीक्षा केंद्र आवंटित करने का आश्वासन दिया है।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने साधा निशाना
यह गड़बड़ी ऐसे दिन सामने आई है, जब नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले शनिवार को देशभर में 'मॉक ड्रिल' की गई। इस बीच, कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री अनीस अहमद ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को लेकर पहले से तनाव झेल रहे छात्रों पर इस तरह की गड़बड़ियों से और अधिक दबाव पड़ता है। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा, "इसके बावजूद सरकारी तंत्र में कोई सुधार नहीं हो रहा है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें।"
NEET Re-Exam Details: यह पुनर्परीक्षा 21 जून को अपराह्न (दोपहर) दो बजे से शाम पांच बजकर 15 मिनट तक कलम-कागज (पेन-पेपर) माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे और इसका आयोजन भारत के 551 तथा विदेश के 14 शहरों में किया जाएगा। ज्ञात हो कि प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दी गई थी और इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आरोप
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 2026 के लिए नागपुर के एक अभ्यर्थी का अबू धाबी में परीक्षा केन्द्र डालने पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। श्री गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है और सरकार तथा एनटीए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
पासपोर्ट है न आर्थिक संसाधन, पूरी रात तनाव में रहा छात्र: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीड़ित छात्र का उदाहरण देते हुए कहा कि नागपुर का एक छात्र पिछले एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसका परीक्षा केंद्र अबू धाबी आवंटित कर दिया गया।
उन्होंने आगे कहा: "छात्र के पास न तो पासपोर्ट है, न विदेश जाने के लिए आर्थिक संसाधन हैं और न ही अब इतना समय बचा है कि वह वहां जाकर परीक्षा दे सके। इस वजह से वह छात्र पूरी रात भारी तनाव में रहा और उसने परीक्षा देने से भी इनकार कर दिया।"
'एनटीए ले रही है अभिभावकों और छात्रों के धैर्य की परीक्षा'
गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि कोई परीक्षा प्रणाली किसी छात्र को उसके अपने ही शहर में परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं करा सकती और विदेश का केंद्र आवंटित कर देती है, तो उसे परीक्षा आयोजित करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनटीए देश के छात्रों और उनके अभिभावकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है।
कोटा दौरे का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा,
"मैंने कोटा में भी कहा था कि देश की शिक्षा व्यवस्था अब शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि छात्रों के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली का जरिया बन गई है।"
NTA ने मानी गलती, कहा- 'तकनीकी त्रुटि' के कारण हुई गड़बड़ी
गौरतलब है कि जब यह गंभीर मामला सामने आया, तो उसके बाद एनटीए (NTA) ने इसे एक तकनीकी त्रुटि बताते हुए स्वीकार किया है। एजेंसी का कहना है कि
यह गलती सिस्टम में आई खराबी के कारण हुई और इसे जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा। एनटीए ने पीड़ित छात्र के परिवार को पूरा आश्वासन दिया है कि संशोधित एडमिट कार्ड शीघ्र ही जारी किया जाएगा, जिसमें सही परीक्षा केंद्र का उल्लेख होगा। इसके साथ ही, एजेंसी की ओर से छात्र के परिवार को एक आधिकारिक ईमेल भी भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि शाम तक इस त्रुटि का पूरी तरह सुधार कर दिया जाएगा।
हरिद्वार पुलिस अलर्ट, सुरक्षा की तैयारियां पूरी
वहीं, उत्तराखंड के हरिद्वार में परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने अपनी कमर कस ली है। उत्तराखंड के हरिद्वार में नीट (यूजी)-2026 परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष आयोजन को लेकर पुलिस ने अपनी व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के निर्देशन में रविवार को आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए तैनात पुलिस बल को शनिवार को पुलिस लाइन रोशनाबाद स्थित बहुद्देशीय हॉल में विशेष ब्रीफिंग दी गई।
संदिग्धों पर रहेगी पैनी नजर, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
एसपी अपराध एवं परीक्षा की नोडल अधिकारी निशा यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस ब्रीफिंग में एसपी सिटी और एसपी देहात ने भी पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात जवानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि:
जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखी जाए।
किसी भी अवांछित गतिविधि की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए।
सभी जवान मेटल डिटेक्टर सहित आवश्यक उपकरण समय पर प्राप्त कर लें और निर्धारित समय से पूर्व ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करें।
5 जोन और 12 सेक्टरों में बंटा हरिद्वार
हरिद्वार जिले में नीट (यूजी) 2026 के लिए कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से आठ केंद्र देहात क्षेत्र और चार केंद्र नगर क्षेत्र में स्थित हैं। परीक्षा को सुरक्षित रखने के लिए पूरे जिले को 5 जोन और 12 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की निगरानी क्षेत्राधिकारियों (COs) को सौंपी गई है, जबकि जोनल प्रभारी लगातार इसका पर्यवेक्षण करेंगे।
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस विभाग के पुरुष एवं महिला कर्मियों की पर्याप्त संख्या ड्यूटी पर लगाई गई है। संबंधित थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों के आसपास लगातार गश्त कर आपराधिक एवं असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही, हरिद्वार पुलिस ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से भी सहयोग की अपील करते हुए परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने का अनुरोध किया है।
